Odisha Desk, रायगढ़ा: ओड़िशा के रायगढ़ा जिले के कल्याणसिंहपुर थाना क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते दिल्ली की एक युवती और गुजरात के एक युवक (फेलोशिप कार्यकर्ताओं) पर हुए बर्बर सामूहिक हमले के मामले में पुलिस ने शनिवार को 5 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। रायगढ़ा पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

घटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल सबूतों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस इन आरोपियों की पहचान कर रही है। इससे पहले गुरुवार को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 16 लोगों को गिरफ्तार किया था।

यह दर्दनाक घटना 16 जून (मंगलवार) की रात को घटित हुई थी। दिल्ली की रहने वाली युवती कालाहांडी जिले में अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना और सूरत (गुजरात) का युवक कंधमाल जिले में हल्दी पैकेजिंग परियोजना में एक गैर-सरकारी संगठन के साथ फेलोशिप प्रोग्राम के तहत काम कर रहे थे। वे दोनों अपने एक्सपोजर विजिट के बाद एक स्कूटर पर सवार होकर कंधमाल के दारिंगबाड़ी से कालाहांडी के थुआमुल रामपुर लौट रहे थे। इसी दौरान कल्याणसिंहपुर इलाके में गूगल मैप की खराबी के कारण वे रास्ता भटक गए और अंदरूनी इलाके में पहुंच गए।

रास्ता पूछने के लिए वे सिलेट पंचायत के कांदुलगुड़ा गांव के पास रुके। वहां रजो पर्व (ओड़िशा का पारंपरिक त्योहार) मना रहे कुछ स्थानीय बच्चों को उन्होंने सामान्य शिष्टाचार के तहत चॉकलेट बांट दी। बाहरी लोगों द्वारा बच्चों को चॉकलेट देते देख स्थानीय ग्रामीणों में संदेह पैदा हो गया और देखते ही देखते पूरे इलाके में ‘बच्चा चोर’ की अफवाह फैल गई। फोन कॉल के जरिए यह झूठी खबर आसपास के गांवों में भी आग की तरह फैल गई।

जब उग्र भीड़ ने उन्हें घेरा, तो फेलोशिप कार्यकर्ताओं ने अपने वैध पहचान पत्र भी दिखाए, लेकिन हिंसक हो चुकी भीड़ ने उनकी एक न सुनी और उन पर हमला कर दिया। डर के मारे दोनों ने स्कूटर से भागने की कोशिश की, लेकिन धमुनीपंगा पंचायत के पास उनका स्कूटर फिसल गया। इसके बाद बड़ी संख्या में जुटे हुड़दंगियों ने उन्हें पकड़ लिया और बेरहमी से उनकी पिटाई की, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

रायगढ़ा के पुलिस अधीक्षक राज प्रसाद ने बताया कि कल्याणसिंहपुर पुलिस की तत्परता और समय पर दखल के कारण दोनों पीड़ितों को हिंसक भीड़ से सुरक्षित बचा लिया गया। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में रायगढ़ा जिला मुख्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद अब दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।

एसपी राज प्रसाद का कहना है “पुलिस ने इस हिंसा को लेकर 4 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। घटना में शामिल अन्य उपद्रवियों की पहचान के लिए जांच लगातार जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”

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