फिरोजपुर। फिरोजपुर कमिश्नर दफ्तर में पदोन्नति में आरक्षण की अनदेखी पर एससी आयोग ने कड़ा रूख अपनाया है। आयोग ने फिरोजपुर मंडल कमिश्नर कार्यालय में 2019 में अधीक्षक ग्रेड-2 (संपत्ति और न्याय) की नियुक्तियों में आरक्षण नियमों की धज्जियां उड़ाने पर संज्ञान लिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि एससी कर्मियों के साथ यह भेदभाव केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है।
जानकारी के अनुसार मामला 25 जनवरी, 2019 को हुई पदोन्नति की प्रक्रिया से जुड़ा है। उस समय कमिश्नर कार्यालय में अधीक्षक ग्रेड-2 पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। नियम मुताबिक इन पदों में से एक पद एससी के लिए आरक्षित था, लेकिन तत्कालीन कमिश्नर सुमेर सिंह गुर्जर ने मिलीभगत से आरक्षित वर्ग के योग्य उम्मीदवार को दरकिनार कर दिया और सामान्य श्रेणी के कर्मी को पदोन्नत कर दिया।

राजस्व विभाग ने दोषी अफसरों पर पंजाब सिविल सेवा नियम 1970 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, पर आयोग ने सरकार के नरम रुख को ‘तुच्छ’ करार देकर खारिज कर दिया है। आयोग चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी ने कहा कि जो भी अधिकारी पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल थे, उन पर नियम-5 के तहत मेजर पेनल्टी लगाएं। आयोग ने कमिश्नर फिरोजपुर को निर्देश दिए कि कार्रवाई में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
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