उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति जानने के लिए सभी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की रात्रिकालीन रक्त जांच कराने का फैसला लिया गया है. एंडेमिक और नॉन-एंडेमिक दोनों जिलों में लागू होने वाली इस व्यवस्था का उद्देश्य छिपे संक्रमण की पहचान करना है.
सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश में फाइलेरिया संक्रमण की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए अब प्रदेश के सभी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की रात्रिकालीन रक्त जांच की जाएगी. यह व्यवस्था फाइलेरिया प्रभावित यानी एंडेमिक जिलों के साथ नॉन-एंडेमिक जिलों में भी लागू होगी. स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य ऐसे मरीजों में छिपे संक्रमण की पहचान करना है, जिनमें बीमारी के लक्षण स्पष्ट नहीं हैं.
प्रदेश में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है. एक समय यह बीमारी 51 जिलों के 782 ब्लॉकों तक फैली थी, लेकिन लगातार चलाए गए अभियानों के बाद इसका दायरा कम हुआ है. इस बार 16 जिलों के 54 ब्लॉकों में ही सर्वजन दवा सेवन यानी एमडीए अभियान चलाए जाने की संभावना है.
संक्रमण में आई कमी
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, लगातार चलाए गए एमडीए अभियानों के साथ ट्रांसमिशन एसेसमेंट सर्वे यानी टीएएस और नाइट ब्लड सर्वे भी किए गए. इन प्रयासों के बाद फाइलेरिया संक्रमण में कमी दर्ज की गई है.
अब अस्पतालों में भर्ती मरीजों की रात्रिकालीन रक्त जांच के जरिए संक्रमण की स्थिति का और बेहतर आकलन करने की कोशिश की जाएगी.
डीजी ने दिए निर्देश
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण ने सभी मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को अपने संस्थानों में भर्ती प्रत्येक मरीज का रात में रक्त नमूना लेकर जांच कराने के निर्देश दिए हैं. जांच में पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों की लाइन लिस्ट यूडीएसपी पोर्टल पर अपलोड करने के लिए भी कहा गया है.
इसके साथ ही महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों तथा उनसे संबद्ध चिकित्सालयों में रात्रिकालीन जांच सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किए हैं.
उन्मूलन में मिलेगी मदद
राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने कहा कि विभाग का यह निर्णय मील का पत्थर साबित होगा. उनके मुताबिक, इस व्यवस्था से माइक्रोफाइलेरिया के फैलाव की जानकारी हासिल करने में मदद मिलेगी और फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को आगे बढ़ाने में सफलता मिलेगी.
उन्होंने बताया कि सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों का ओरिएंटेशन भी कराया जा चुका है.



