Dharm Desk – भोलेनाथ की पूजा में शिवाभिषेक का विशेष महत्व बताया गया है. सावन का महीना आते ही देशभर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शंकर मंदिरों में जलाभिषेक और शिवाभिषेक करते हैं. शिवलिंग का अभिषेक अलग-अलग सामग्रियों से करने की परंपरा है. श्रद्धालु अपनी मनोकामना और श्रद्धा के अनुसार अलग-अलग वस्तुओं से भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं.

मनोकामना के अनुसार शिवाभिषेक

  1. स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए कुश के साथ रुद्राभिषेक करना अच्छा माना जाता है.
  2. घर या गाड़ी खरीदने की इच्छा के लिए दही से भगवान शंकर का अभिषेक करने की परंपरा है.
  3. धन और समृद्धि के लिए शहद और शुद्ध घी से रुद्राभिषेक करना फायदेमंद माना जाता है.
  4. आर्थिक उन्नति के लिए गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करना शुभ माना जाती है.
  5. मोक्ष और आध्यात्मिक शांति के लिए किसी पवित्र तीर्थ स्थान से लाए गए जल से रुद्राभिषेक करने की परंपरा है.
  6. संतान प्राप्ति की इच्छा के लिए दूध से अभिषेक करना शुभ माना जाता है.
  7. नौकरी में बाधा या शत्रु संबंधी परेशानियों के लिए सरसों के तेल से रुद्राभिषेक करने की परंपरा बताई गई है.
  8. बुखार और रोगों से राहत के लिए गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करना शुभ माना जाता है.
  9. उपचार और सकारात्मक ऊर्जा के लिए इत्र या सुगंधित पदार्थों से अभिषेक किया जाता है.
  10. पुत्र प्राप्ति की इच्छा के लिए पानी में चीनी मिलाकर रुद्राभिषेक करने की परंपरा है.
  11. अच्छे स्वास्थ्य के लिए दूध, शुद्ध घी या दोनों से अभिषेक करना शुभ माना जाता है.
  12. बुद्धि और ज्ञान बढ़ाने के लिए दूध में शक्कर मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है.
  13. पापों से मुक्ति और पुण्य प्राप्ति के लिए शहद से रुद्राभिषेक करना विशेष फल दाई माना जाता है.

सावन में रुद्राभिषेक के लिए शुभ दिन

सावन के पूरे माह में भगवान शंकर का रुद्राभिषेक किया जा सकता है. हालांकि कुछ दिनों को भोलेनाथ की पूजा के लिए विशेष महत्व दिया जाता है. इनमें सावन का सोमवार सावन शिवरात्रि, प्रदोष व्रत और नाग पंचमी आदि शामिल हैं. इन विशेष अवसरों पर श्रद्धालु विधि-विधान से शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और भोलेनाथ की आराधना करते हैं. सावन के सोमवार को शिव मंदिरों में श्रद्धालु की बड़ी संख्या देखने को मिलती है. लोग जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री चढ़ा कर भोलेनाथ का आशीर्वाद लेते हैं. रुद्राभिषेक में पूजा की सामग्री के साथ श्रद्धा और भक्ति का भी विशेष महत्व है. अपनी परंपरा और विश्वास के अनुसार भगवान शंकर की पूजा करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.