संजीव, सोनीपत। जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत चल रहे हाउस वेरिफिकेशन कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। उपायुक्त नेहा सिंह ने साफ कहा है कि ड्यूटी से गायब रहने या काम में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ उन्हें निलंबित भी किया जाएगा।

रविवार को जनगणना कार्य की समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रथम चरण का कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण के तहत घरों, परिवारों और मूलभूत सुविधाओं से संबंधित आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित मॉनिटरिंग करें और सुनिश्चित करें कि सभी जानकारियां सही तरीके से दर्ज हों। उन्होंने निर्देश दिए कि 30 मई तक हर हाल में प्रथम चरण का काम पूरा किया जाए।
इससे पहले मुख्य सचिव Anurag Rastogi ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ बैठक कर जनगणना कार्य की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अगर कोई कर्मचारी लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर और निलंबन जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
उपायुक्त ने जिलावासियों से भी अपील की कि जनगणना कर्मचारी जब जानकारी लेने आएं तो उनका सहयोग करें और सही व पूरी जानकारी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नागरिकों का डेटा पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और इसका उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सही आंकड़ों के आधार पर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और आवास जैसी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू कर सकेगी। बैठक में नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार, संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़, नगराधीश सिमरन और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

