अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। बिहार की राजनीति में इन दिनों एनडीए गठबंधन के भीतर विधान परिषद की सीटों को लेकर सरगर्मी तेज है। इसी बीच सासाराम से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) की विधायक और पार्टी सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा का एक बड़ा बयान सामने आया है। सासाराम स्थित पायलट बाबा आश्रम में एक कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पंचायती राज मंत्री और उनके पुत्र दीपक प्रकाश की विधान परिषद उम्मीदवारी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में स्थिति स्पष्ट की।

​नामांकन की प्रक्रिया और उम्मीदें बरकरार

​दीपक प्रकाश वर्तमान में बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं लेकिन वे अभी सदन के किसी भी सदन (विधानसभा या विधान परिषद) के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में उनके भविष्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं। मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर स्नेहलता कुशवाहा ने धैर्यपूर्वक जवाब दिया। उन्होंने याद दिलाया कि नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून है। उन्होंने कहा अभी भी दो दिन शेष हैं इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है।
​विधायक ने इस दौरान किसी भी प्रकार की निराशा या संशय से पूरी तरह इनकार किया। जब मीडिया ने उनके भविष्य को लेकर दबाव बनाया तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा अब क्या आप लोग ही दीपक प्रकाश का भविष्य तय करेंगे? उनका यह बयान स्पष्ट करता है कि पार्टी और परिवार अभी भी उम्मीदवारी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है।

​एनडीए में सीटों को लेकर जारी है मंथन

​गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद की रिक्त सीटों के लिए एनडीए के घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारा और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया जारी है। हालांकि कई दलों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है लेकिन रालोमो के कोटे और दीपक प्रकाश के नाम को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दीपक प्रकाश का मंत्री पद पर बने रहना और उनकी शैक्षणिक व सांगठनिक पृष्ठभूमि उनके पक्ष में काम कर रही है। स्नेहलता कुशवाहा का यह बयान कार्यकर्ताओं के बीच चल रहे असमंजस को समाप्त करने की एक कोशिश है। उन्होंने संकेत दिया है कि अंतिम समय तक सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा और दीपक प्रकाश के भविष्य को लेकर कोई संकट नहीं है। अब सबकी निगाहें 8 जून की तारीख पर टिकी हैं जो यह तय करेगी कि एनडीए अपने इस युवा चेहरे को उच्च सदन में भेजने की तैयारी कैसे पूरी करता है।