परवेज खान ,यमुनानगर। मानसून के दौरान संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए यमुनानगर में सिंचाई विभाग ने बाढ़ बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों टापू कमालपुर और पोबारी में तटबंधों को मजबूत करने और कटाव रोकने का काम युद्धस्तर पर जारी है। विभाग का दावा है कि 10 जुलाई तक दोनों स्थानों पर कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

सिंचाई विभाग के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण गुप्ता ने बताया कि दोनों स्थानों पर करीब 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। विभाग की टीमें लगातार दिन-रात काम कर रही हैं ताकि यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आसपास के गांव सुरक्षित रह सकें।

उन्होंने कहा कि यदि आने वाले दिनों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति बनती भी है, तो फिलहाल ग्रामीणों को किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है। विभाग ने सभी जरूरी सुरक्षा इंतजाम कर लिए हैं और तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पिछले साल के अनुभव से सबक

पिछले वर्ष मानसून के दौरान यमुना नदी में आई बाढ़ से कई स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए थे और भारी कटाव के कारण आसपास के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया था। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार विभाग ने मानसून से पहले ही व्यापक स्तर पर सुरक्षा कार्य शुरू कर दिए हैं।

40 करोड़ रुपये की लागत से चल रही हैं 36 परियोजनाएं

जिले में करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से 36 बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के तहत पथराला, सोम और यमुना नदी के तटबंधों को मजबूत किया जा रहा है, ताकि बाढ़ के दौरान कटाव को रोका जा सके और हजारों ग्रामीणों की आबादी तथा कृषि भूमि को सुरक्षित रखा जा सके।

अब सभी की नजर मानसून की आगामी बारिश पर है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सिंचाई विभाग की तैयारियां संभावित बाढ़ के खतरे से लोगों को कितनी राहत दिला पाती हैं।