राज्यसभा चुनाव के नतीजों को लेकर झारखंड के सत्ताधारी गठबंधन के भीतर शुरू हुए तीखे आरोप-प्रत्यारोप के बाद, कांग्रेस ने नुकसान को कम करने की कोशिश शुरू कर दी है. कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. कांग्रेस ने अपने सहयोगियों से संयम बरतने का आग्रह किया है और गठबंधन की एकता को कायम रखने की अपील की है.

कांग्रेस नेताओं की ओर से उनके विधायकों पर लगाए गए क्रॉस वोटिंग के आरोपों को भाकपा माले (लिबरेशन) ने खारिज करते हुए कहा कि यह दुर्भावनापूर्ण और तथ्यहीन बात है.

भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस मामले को लेकर हस्तक्षेप की मांग की है. झारखंड के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को प्रणव झा की हार के रूप में सामना करना पड़ा. ये हार इंडिया गठबंधन के दलों में सिर फुटौवल की बड़ी वजह बन गई है.

अभी कांग्रेस, आरजेडी माले और जेएमएम के बीच तल्खी बढ़ी हुई है, जो इंडिया ब्लॉक की सेहत के लिए अच्छी नहीं है. दरअसल, सूबे में इंडिया ब्लॉक के पास दो सीटे जीतने के लिए पूरे 56 वोट थे. शुरुआती दावों CM हेमंत सोरेन दोनों सीट JMM के लिए चाहते थे. बाद में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने CM हेमंत से प्रणब झा के लिए मांग ली.

सूत्रों से जानकारी के मुताबिक आरजेडी के 4 विधायकों में से तीन और माले के दो विधायकों ने क्रॉस वोट किया. 28 वोटों के सहारे जीत की आस लगाए प्रणव झा 20 वोटों पर आ गए और एनडीए समर्थित नाथवानी 24 की बजाय 28 वोट पाकर जीत गए.

कांग्रेस इस बात से भी नाराज है कि चुनाव के बाद CM हेमंत सोरेन ने नाथवानी को खुले दिल से बधाई दी, पर गठबन्धन के एक सीट की हार पर एक शब्द भी नहीं बोले.

राज्यसभा चुनाव के रिजल्ट आने के बाद से पहले जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने आरोप और आलोचना की थी, अब महागठबंधन की एकता बनाए रखने पर जोर देने लगे है.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m