श्रीलंका की पूर्व प्रथम महिला शिरंथी राजपक्षे को बुधवार को उनके एनजीओ ओसिरलिया सवियाओ के बैंक अकाउंट से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया. हाल ही में सिंगापुर से इलाज कराकर लौटने के बाद उन्होंने जमानत की याचिका दाखिल की थी, लेकिन एजेंसियों ने उनके पोल्हेंगॉडा स्थित घर से ही उन्हें हिरासत में ले लिया. यह पूरी कार्रवाई बुधवार को अंजाम दी गई.

उन पर एक करोड़ श्रीलंकाई रुपये की सरकारी धनराशि के कथित दुरुपयोग का आरोप है. वह इस द्वीपीय देश के इतिहास में भ्रष्टाचार की जांच के सिलसिले में हिरासत में ली जाने वाली पहली पूर्व प्रथम महिला हैं.

श्रीलंका के सियासी गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आई है. श्रीलंका की पूर्व प्रथम महिला शिरंथी राजपक्षे को बुधवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया. उन्हें 1 करोड़ रुपये (श्रीलंकाई रुपये) के पब्लिक फंड स्कैम मामले में गिरफ्तार किया गया है. इसी दौरान, देश की भ्रष्टाचार-रोधी संस्था ने अलग-अलग मामलों में पूर्व विदेश मंत्री और स्टेट बैंक के पूर्व प्रमुख को भी गिरफ्तार किया.

73 वर्षीय शिरंथी सोमवार को ही सिंगापुर से इलाज कराकर लौटी थीं. उसी सुबह, उनके वकीलों ने पुलिस के फाइनेंशियल क्राइम्स डिवीजन द्वारा उनकी गिरफ्तारी को रोकने के लिए अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी. हालांकि फाइनेंशियल क्राइम्स डिवीजन ने मंगलवार को उन्हें 13 अक्टूबर को उनके सामने पेश होने के लिए कहा था. आरोप है कि कोलंबो के लेडी रिडवे चिल्ड्रंस हॉस्पिटल के लिए सीटी स्कैनर मशीन खरीदने के लिए ये चंदा जुटाया गया था, लेकिन अस्पताल को मशीन नहीं दी गई और इस रकम का गलत इस्तेमाल कर लिया गया.

जांच आयोग के अनुसार, उन्हें इन आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया कि उन्होंने एक सरकारी बैंक से 10 मिलियन श्रीलंकाई रुपये लिए और उस पैसे का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल करके कानून का उल्लंघन किया.

महिंदा राजपक्षे साल 2005 से 2015 तक देश के राष्ट्रपति रहे थे, जबकि उनके छोटे भाई गोटबाया राजपक्षे को साल 2022 में देश के आर्थिक संकट और जन-आंदोलन के बाद इस्तीफा देना पड़ा था.

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