अभय मिश्रा, मऊगंज। मऊगंज की सड़कों पर इन दिनों एक ऐसा फिल्मी खेल चल रहा था, जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे। एक चमचमाती सफेद लग्जरी कार, चेहरे पर बनावटी मुस्कान और जुबान पर रिश्तों की चाशनी, लेकिन इस सबके पीछे छिपा था एक बेहद शातिर दिमाग। यह मामला सिर्फ ठगी का नहीं, बल्कि बुजुर्गों के भरोसे और भावनाओं पर सीधा प्रहार था। मऊगंज पुलिस ने एक ऐसे जालसाज मोहम्मद सद्दाम को दबोचा है, जो बुजुर्गों को अपना ‘फूफा’ या ‘मामा’ बताकर उन्हें अपनी कार में लिफ्ट देता था और चंद मिनटों में उनकी जेबें साफ कर देता था। आखिर कैसे पुलिस ने इस ‘रिश्तेदार’ रूपी शिकारी को सलाखों के पीछे पहुंचाया ? आइए जानते है…
ऐसे झांसे में लेता था आरोपी
सद्दाम की मोडस ऑपरेंडी (काम करने का तरीका) किसी मंझे हुए खिलाड़ी जैसी थी। वह बैंकों और बाजारों के पास घंटों रेकी करता और निशाना बनाता उन बुजुर्गों को, जो अकेले होते। वह अपनी सफेद अर्टिका कार उनके पास रोकता और बड़े अदब से खुद को उनका भांजा या भतीजा बताता। बुजुर्ग जब तक इस ‘नकली रिश्तेदार’ को पहचान पाते, तब तक वह उन्हें चाय पिलाने या घर छोड़ने के बहाने कार में बिठा चुका होता था।
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पलक झपकते खेल खत्म
वारदात की रफ्तार इतनी तेज थी कि पलक झपकते ही खेल खत्म हो जाता। 7 जनवरी 2026 को एक बुजुर्ग से 22,500 रुपये पार किए गए, तो 9 फरवरी को खटखरी ग्रामीण बैंक के पास से 50 हजार रुपये की चपत लगा दी गई। ताजा मामला हजारीलाल गुप्ता का है, जिन्हें चाय पिलाने के बहाने महज 100 मीटर की दूरी तय करते-करते सद्दाम ने उनकी जैकेट से नकदी उड़ा दी। बुजुर्गों को भनक तक नहीं लगती थी कि उनका ‘कथित भांजा’ उनकी मेहनत की कमाई लेकर रफूचक्कर हो चुका है।
अपराध का रिकॉर्ड देख पुलिस दंग
मऊगंज एसपी दिलीप सोनी के कड़े निर्देशों के बाद थाना प्रभारी संदीप भारतीय की टीम ने कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों के जाल ने आखिरकार सफेद अर्टिका (MP 17 CD 1493) का सुराग दे दिया। पकड़ा गया आरोपी मोहम्मद सद्दाम रीवा के निपनिया का निवासी है, जिसका क्राइम रिकॉर्ड देख पुलिस भी हैरान रह गई। रीवा, सतना, कटनी, अमरपाटन और नागौद जैसे कई थानों में इसके खिलाफ आधा दर्जन से ज्यादा संगीन मामले दर्ज हैं।
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एक गिरफ्तार, साथियों की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपी के पास से 6 लाख रुपये कीमत की कार ज़ब्त कर ली है और उसे बीएनएस (BNS) की धारा 303(2) के तहत जेल भेज दिया गया है। हालांकि, सद्दाम का एक साथी अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। इस गिरफ्तारी ने अंतरराज्यीय ठग गिरोह के नेटवर्क को हिला कर रख दिया है। मऊगंज थाना प्रभारी संदीप भारतीय ने बताया कि मुखबिर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को पकड़ा है। यह गिरोह बुजुर्गों को टारगेट करता था। फिलहाल एक आरोपी गिरफ्त में है और कार ज़ब्त की गई है, जल्द ही इसके अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

