झारखंड में रांची में अब सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों का 1.50 लाख रुपये तक का इलाज पूरी तरह फ्री रहेगा. इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी. इस इलाज का खर्च मरीज या उसके परिजनों से नहीं लिया जाएगा. अस्पताल मुख्यमंत्री राहत कोष से क्लेम कर सकेंगे. सबसे बड़ी बात यह है कि इस सुविधा को प्राप्त करने के लिए आपके पास कोई भी आयुष्मान कार्ड या इंश्योरेंस की जरूरत नहीं होगी.

सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को अब प्राइवेट अस्पताल में बिना किसी विलंब के तुरंत इलाज मिलना शुरू हो जाएगा. इलाज का खर्च मरीज या परिजनों से नहीं लिया जाएगा.

रांची जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस नई व्यवस्था को लेकर तैयारी शुरू कर दी है. जिले के सभी निजी अस्पतालों के प्रबंधकों के साथ बैठक कर रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए है.

सोमवार को हुए बैठक में बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों का 1.50 लाख रुपये तक का इलाज पूरी तरह फ्री रहेगा. ऐसे मरीजों को तत्काल दूसरे अस्पताल में रेफर करने पर रोक रहेगी. बैठक में स्पष्ट किया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को अस्पताल पहुंचते ही बिना किसी देरी के प्राथमिक और जरूरी इलाज उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा.

अगर किसी बड़े अस्पताल या उच्च चिकित्सा संस्थान में भेजने की जरूरत महसूस होती है तो प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे रेफर किया जा सकता है.

मीटिंग में यह भी दिशा-निर्देश दिया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों का पूरा डिटेल विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा. पोर्टल पर लाए गए घायल मरीजों के अलावे मृत व्यक्तियों के रिकॉर्ड भी पोर्टल पर अपलोड करना होगा.

अस्पताल प्रबंधन को मरीज की आर्थिक स्थिति, भुगतान क्षमता या किसी दस्तावेज की कमी के आधार पर इलाज रोकने की अनुमति नहीं होगी.

पूरा विवरण रोजाना स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर अपडेट करना होगा. इसमें मरीज की स्थिति, इलाज की जानकारी और खर्च का विवरण शामिल होगा, ताकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा सके.

इसका लाभ लेने के लिए मरीज के पास आयुष्मान भारत योजना का कार्ड, स्वास्थ्य बीमा या किसी अन्य इंश्योरेंस से जुड़े दस्तावेज होना जरूरी नहीं होगा, यही इसकी सबसे खास बात है.

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