हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि 838 वन गुज्जरों के नाम पर आपत्तियां लगाई गई हैं. उन्होंने लालढांग क्षेत्र में वन गुज्जरों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और दस्तावेज समय पर उपलब्ध कराने की मांग उठाई.

हरिद्वार. ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में रहने वाले 838 वन गुज्जरों के नामों पर साजिशन आपत्तियां लगाई गई हैं और उनके समर्थकों को निशाना बनाया जा रहा है, ताकि उनके वोट काटे जा सकें. विधायक ने इसे बड़ा स्कैम बताया है.

हरिद्वार जिले में इन दिनों SIR प्रक्रिया चल रही है. दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने या मैपिंग नहीं होने की स्थिति में लोगों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है. इसी बीच अनुपमा रावत ने अलग-अलग वन क्षेत्रों में रहने वाले वन गुज्जरों को जबरन और गलत नोटिस दिए जाने का आरोप लगाया है.

वन गुज्जरों से मुलाकात

कांग्रेस विधायक ने लालढांग क्षेत्र में वन गुज्जरों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं. उन्होंने कहा कि उनकी विधानसभा क्षेत्र के 838 वन गुज्जरों के नाम पर आपत्तियां लगाई गई हैं और SIR प्रक्रिया के तहत उन्हें यह बताया जा रहा है कि वे यहां के मतदाता नहीं हैं.

अनुपमा रावत ने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर इस तरह की शरारत कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर एक ही व्यक्ति ने सैकड़ों नामों पर आपत्ति दर्ज कराई है, जबकि कुछ मामलों में व्यक्ति ने खुद अपने नाम पर आपत्ति लगाई है. उनके मुताबिक, पूरी प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गोलमाल किया गया है और कांग्रेस इसकी जड़ तक जाएगी.

दस्तावेज नहीं मिलने का आरोप

विधायक ने कहा कि वन गुज्जरों को SIR प्रक्रिया के दौरान काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उनका आरोप है कि उन्हें समय पर परिवार रजिस्टर की कॉपी और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि नोटिस की सुनवाई की तारीख नजदीक आ गई है. यदि समय रहते दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए तो वन गुज्जरों के नाम मतदाता सूची से कट सकते हैं.

कांग्रेस ने उठाए सवाल

अनुपमा रावत ने कहा कि उनकी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में वन गुज्जर रहते हैं और वे पीढ़ियों से एक-दूसरे का दर्द साझा करते आए हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनकी लड़ाई को आगे ले जाएगी और SIR प्रक्रिया में किसी के साथ भी नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी.

इससे पहले कांग्रेस विधायकों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे. इसके अलावा रोशनाबाद स्थित मुख्यालय में भी उन्होंने हंगामा किया था.

कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया था कि सत्ता पक्ष के दबाव में विपक्षी विधायकों के समर्थकों को परेशान किया जा रहा है, ताकि उनके वोट न बन सकें.