Dharm Desk – बुधवार का दिन गणेशजी की पूजा के लिए खास है। भगवान गणेश प्रथम पूजा और विघ्नहर्ता कहा गया है। किसी भी शुभ काम की शुरुआत से पहले सबसे पहले गणेश जी का स्मरण किया जाता है। मान्यता है कि बप्पा की आराधना से काम में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं और बुद्धि-विवेक का आर्शीवाद मिलता है।

कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी
बुधवार को कई लोग घर और मंदिर में गणेश जी की विशेष पूजा करते हैं। इसी महीने 14 सितंबर से 10 दिवसीय गणेश उत्सव की भी शुरुआत होने वाली है। लेकिन पूज के दौरान छोटी-सी गलती भी आपकी साधना का तरीका बिगाड़ सकती है। गणपति की प्रतिमा रखने से लेकर उन्हें चढ़ाए जाने वाले प्रसाद और पूजा सामग्री तक, कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं गणेश पूजा से जुड़े 5 खास नियम।
- पूजा घर में एक से ज्यादा गणेश प्रतिमा न रखें
घर के मंदिर में भगवान गणेश की एक ही प्रतिमा रखना उचित माना गया है। पूजा घर में एक से अधिक गणेश प्रतिमाएं रखने से बचना चाहिए। अगर नई प्रतिमा स्थापित करनी है तो पहले से रखी प्रतिमा के साथ क्या करना है, इसका निर्णय श्रद्धा और परिवार की परंपरा के अनुसार करें। किसी भी प्रतिमा को बिना उचित सम्मान के इधर-उधर रखना ठीक नहीं माना जाता।
- गणेश जी की पीठ सामने न हो
घर के मंदिर में गणेश जी की प्रतिमा रखते समय इस बात का ध्यान रखें कि उनकी पीठ सीधे घर के मुख्य हिस्से की ओर न हो। प्रतिमा ऐसी जगह रखें, जहां पूजा करते समय उनका मुख आसानी से दिखाई दे।धार्मिक परंपरा में गणेश जी की पीठ को दरिद्रता से जोड़ा गया है। इसलिए घर में बप्पा की प्रतिमा स्थापित करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
- गणेश जी को तुलसी नहीं, दूर्वा चढ़ाएं
गणपति पूजा में दूर्वा का विशेष महत्व है। भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है।वहीं तुलसी पत्र गणेश जी को नहीं चढ़ाया जाता। इससे जुड़ी एक पौरणिक कथा भी प्रचलित है, जिसमें तुलसी और गणेशजी के बीच विवाह प्रस्ताव को लेकर प्रसंग आता है । इसी वहज से गणेश पूजा में तुलसी का इस्तेमाल नहीं करने की परंपरा है।पूजा के दौरान साफ और ताजी दूर्वा अर्पित करें। इसे गणपति को प्रसन्न करने वाली प्रमुख पूजा सामग्री में शामिल किया गया है ।
- पूजा में लाल रंग को दें प्राथमिकता
गणपति जी की पूजा में लाल रंग का खास महत्व है। पूजा के दौरान लाल फूल, लाल सिंदूर और लाल वस्त्र का इस्तेमाल किया जा सकता है । गुड़हल जैसे लल पुष्प भी बप्पा को अर्पित किए जाते हैं। कई धार्मिक परंपराओं में गणेश पूजा के दौरान काले रंग से बचने की सलाह दी जाती है। इसलिए बुधवार की पूजा में लाल रंग की सामग्री को प्राथमिकता देना शुभ माना जाता है।
- घर के लिए बाईं सूंड वाले गणेश लाए
घर के मंदिर के लिए गणेश जी की प्रतिमा लेते समय उनकी सूंड की दिशा पर भी ध्यान दिया जाता है। आमतौर पर घर में बाईं ओर मुड़ी सूंड वाले गणेशजी की प्रतिम रखने की परंपरा है। ऐसे गणपति को गृहस्थ जीवन के लिए अनुकूल माना जाता है। पूज के दौरान उनकी विधिवत आराधना करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहने की कामना की जाती है।



