वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद ही शर्मनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक महादलित बस्ती की 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ दो दबंगों द्वारा जबरन बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है और वारदात के चंद घंटों के भीतर ही दोनों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य भी बरामद किए हैं।
बुआ के साथ शौच के लिए गई थी पीड़िता
वहीं, इस घटना के बाद से स्थानीय महादलित बस्ती के ग्रामीणों और महिलाओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। वारदात बीते बुधवार की रात करीब 8:00 बजे की है। 14 वर्षीय पीड़िता ने बताया कि वह अपनी बुआ के साथ गांव के पास ही खेत की तरफ शौच के लिए गई थी। जब दोनों शौच करने के बाद वापस अपने घर लौट रही थीं, तभी रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे दो बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों की नीयत भांपकर पीड़िता की बुआ ने उनका विरोध किया और किसी तरह से उनके चंगुल से छूटकर शोर मचाते हुए गांव की तरफ भागी।
कपड़े से हाथ-पैर बांधकर की दरिंदगी
वहीं, पीड़िता ने भी अपनी जान बचाने के लिए दौड़ने का प्रयास किया, लेकिन भागने के क्रम में वह रास्ते में ही अनियंत्रित होकर गिर पड़ी। किशोरी को गिरा देख दोनों बदमाशों ने उसे दबोच लिया। पीड़िता का आरोप है कि गिरने के बाद बदमाशों ने उसके साथ बेरहमी दिखाई। वे जबरन उसे उठाकर पास के ही एक बसेड़ी (बांस की झाड़ी) में ले गए। वहां आरोपियों ने किशोरी का मुंह, हाथ और पैर कपड़े से बांध दिए ताकि वह शोर न मचा सके।
इसके बाद दोनों बदमाशों ने बारी-बारी से उसके साथ करीब आधे घंटे तक सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी ने जब अपने बचाव में संघर्ष करने और विरोध करने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने चप्पल और थप्पड़ों से उसकी बेरहमी से पिटाई भी की।
बुआ के बताने पर खेत की ओर भागे ग्रामीण
पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे दिन में भी परेशान कर रहे थे। जब वह दोपहर के समय खेत की तरफ लकड़ी चुनने गई थी, तब भी दोनों आरोपी वहां खड़े होकर उसे बुरी नीयत से घूर रहे थे और रात में उन्होंने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे दिया। पीड़िता की मां ने बताया कि जब बेटी के साथ गई उसकी बुआ ने हांफते और रोते हुए गांव पहुंचकर घटना की जानकारी दी, तो पूरे परिवार और बस्ती के पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में परिजन और ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर खेत और बांस की झाड़ी की तरफ दौड़े। पीड़िता की मां ने बताया कि जब वे लोग मौके पर पहुंचे तो देखा कि उनकी बेटी दर्द से कराह रही थी और मदद के लिए चिल्ला रही थी।
पीड़िता को दी जान से मारने की धमकी
ग्रामीणों और परिजनों को भारी संख्या में अपनी तरफ आता देख दोनों आरोपी पीड़िता को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए वहां से भाग निकले। भागने के दौरान आरोपियों ने पीड़िता और उसके परिवार को धमकी दी थी कि यदि किसी के सामने मुंह खोला या पुलिस के पास गए, तो जान से मार देंगे।
इस घटना के बाद महादलित बस्ती की महिलाओं में स्थानीय प्रशासन और सरकार के खिलाफ गहरा असंतोष और गुस्सा देखने को मिल रहा है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सामूहिक दुष्कर्म जैसे इस घिनौने वारदात को अंजाम देने वाले दोषियों को स्पीडी ट्रायल चलाकर फांसी से कम की सजा नहीं दी जाए।
पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों को किया गिरफ्तार
सामूहिक दुष्कर्म की सूचना मिलते ही दीपनगर थाना अध्यक्ष सुमन कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत हरकत में आए। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर त्वरित छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल नगमा गांव के दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में दीपनगर थाना क्षेत्र के नगमा गांव निवासी उमेश यादव का बेटा (24) बिट्टू यादव एवं देवन पासवान का बेटा विक्रम उर्फ टमाटर है।
दीपनगर थाना अध्यक्ष सुमन कुमार ने बताया कि घटना की वैज्ञानिक जांच और पुख्ता सबूत जुटाने के लिए पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ रही है। इसके लिए एफएसएल और डॉग स्क्वायड की विशेष टीमों को घटनास्थल पर बुलाया गया। वैज्ञानिक जांच के दौरान पुलिस को वारदात वाली जगह से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।
मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि
थाना अध्यक्ष ने आगे बताया कि पीड़िता को सुरक्षा के बीच अस्पताल भेजकर उसका मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है। प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के साथ दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों बिट्टू यादव और विक्रम उर्फ टमाटर का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। वे इलाके में पहले भी कई तरह के छोटे-मोटे अपराधों और उपद्रवों में शामिल रहे हैं।
आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस फिलहाल उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और इतिहास को खंगाल रही है ताकि कोर्ट में उनके खिलाफ मामला और मजबूत किया जा सके। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से दीपनगर थाना क्षेत्र के संबंधित गांव और आसपास के इलाकों में आंशिक तनाव और भारी आक्रोश का माहौल है। महादलित समाज के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि, पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को तुरंत जेल भेजे जाने और मुस्तैदी दिखाने के कारण स्थिति नियंत्रण में है।
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