दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। गंगा दशहरा के पावन पर्व पर मंगलवार को नर्मदापुरम में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। सूर्योदय से पहले, सुबह 5 बजे से ही मां नर्मदा के प्रमुख घाटों सेठानी घाट, कोरी घाट, गोंदरी घाट और विवेकानंद घाट पर हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। श्रद्धालु पवित्र नदी में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं और स्नान के बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर दान-पुण्य कर रहे हैं।
गंगा स्नान के समान ही पुण्य मिलता
पंडित शुभम दीक्षित ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, आज ही के दिन भगीरथ कठिन तपस्या के बाद मां गंगा को धरती पर लाए थे। ऐसी भी मान्यता है कि इस विशेष दिन मां गंगा अपनी बहन नर्मदा से मिलने आती हैं, इसलिए आज नर्मदा में स्नान करने से गंगा स्नान के समान ही पुण्य मिलता है।
आयोजन को 16 साल पूरे
शाम 7:30 बजे सेठानी घाट पर बनारस की तर्ज पर 251 दीपों से मां नर्मदा की भव्य महाआरती की जाएगी। महाआरती के संयोजक प्रशांत मुन्नू दुबे ने बताया कि इस परंपरा की शुरुआत वर्ष 2010 में गंगा दशहरा के दिन ही हुई थी। आज इस भव्य आयोजन को 16 साल पूरे हो रहे हैं, जिसे लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सेठानी घाट, कोरी घाट, परमहंस और विवेकानंद घाट समेत जिले के सभी प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल, होमगार्ड के जवान और गोताखोरों की टीमें लगातार घाटों पर मुस्तैद रहकर निगरानी कर रही हैं।

