भुवनेश्वर। ओडिशा का गंजाम जिला अवैध गांजा तस्करी का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। ओडिशा से लेकर राजस्थान तक राष्ट्रीय राजमार्गों के जरिए करोड़ों रुपये के गांजे का अवैध कारोबार चलाया जा रहा था। इस पूरे खेल को पर्दे के पीछे से एक अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट संचालित कर रहा था। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े ‘डेटा-ड्रिवन टारगेटिंग’ अभियान के तहत इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है।

कंटेनर से 227 किलो गांजा जब्त, राजस्थान से जुड़ा तार

मामले का खुलासा तब हुआ जब एसटीएफ ने 18 अप्रैल को खोर्धा जिले के जटनी के पास पीतापल्ली इलाके से 227 किलोग्राम 400 ग्राम गांजे से भरा एक कंटेनर जब्त किया।

पहली गिरफ्तारी

इस मामले में राजस्थान के रहने वाले पारस नाथ को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था।

अंतरराज्यीय जांच

एसटीएफ की जांच यहीं नहीं रुकी। तकनीकी विश्लेषण और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर एसटीएफ की टीम सुराग तलाशते हुए गुजरात और राजस्थान तक पहुंची।

मास्टरमाइंड समेत 3 मुख्य आरोपी गिरफ्तार

ओडिशा से मिले सबूतों के आधार पर एसटीएफ ने इस सिंडिकेट के मुख्य सरगनाओं को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गंजाम के शिवराम बिश्वाल, शिवराम पात्र और ‘कणा मिटु’ उर्फ मनोरंजन साबत शामिल हैं।

नगदी और दस्तावेज बरामद

जांच के दौरान आरोपी शिवराम बिश्वाल के घर से 3 लाख 86 हजार रुपये नगद, मोबाइल फोन और कई संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

वित्तीय जांच जारी

पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि यह पैसा केवल ड्रग्स कारोबार की कमाई है या इसके पीछे अन्य आपराधिक मामले भी जुड़े हैं।

कैसे काम करता था यह सिंडिकेट?

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह ओडिशा के विभिन्न जिलों से भारी मात्रा में गांजा इकट्ठा करता था और फिर इसे गुप्त रास्तों से राजस्थान और अन्य राज्यों में सप्लाई करता था। फिलहाल एसटीएफ इस गिरोह के वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों और नेटवर्क में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है।

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