गया। जिले के इमामगंज प्रखंड अंतर्गत दुबहल पंचायत के कुईबार गांव में अंधविश्वास और पारिवारिक कलह में एक बेटे पर अपने ही 60 वर्षीय बुजुर्ग पिता की गला दबाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। हत्या की इस घटना के बाद से आरोपी बेटा और उसके तीन चाचा शव को लेकर मौके से फरार हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन लगातार शव की बरामदगी और मामले की तहकीकात में जुटी हुई है।
चश्मदीद बहू और पत्नी ने खोले राज
मृतक की पहचान कुईबार गांव निवासी 60 वर्षीय रामदास रजक के रूप में हुई है। मृतक की पत्नी 55 वर्षीय फूल कुमारी देवी और उनकी बेटी तेतरी देवी ने सीधे तौर पर छोटे बेटे राजकुमार रजक पर हत्या का इल्जाम लगाया है। उनका कहना है कि 30 वर्षीय राजकुमार ने अपने तीन चाचाओं की मदद से इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है और घटना के बाद से सभी फरार हैं।
मृतक की मंझली बहू प्रमिला देवी ने इस हत्याकांड की पूरी खौफनाक दास्तान बयां करते हुए बताया कि उसने अपनी आंखों से अपने ससुर को दम तोड़ते देखा है। प्रमिला के मुताबिक, आरोपी राजकुमार ने अचानक अपने पिता रामदास रजक को दबोच लिया और उनकी गर्दन कसकर दबा दी। देखते ही देखते ससुर ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। जब बहू ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शव को अपने साथ लेकर गायब हो गया, जिसके बाद बहू ने अन्य परिजनों को इसकी जानकारी दी।
अंधविश्वास बना खूनी संघर्ष की वजह
परिजनों के अनुसार, इस खौफनाक वारदात के पीछे अंधविश्वास और आपसी रंजिश मुख्य वजह रही है। कुछ दिन पहले आरोपी राजकुमार की पत्नी घर के छप्पर पर चढ़कर बेल (लतड़) ठीक कर रही थी, तभी अचानक पैर फिसलने से वह नीचे गिर गई और उसकी कमर में गंभीर चोटें आईं। इस दुर्घटना के बाद से राजकुमार पूरी तरह अंधविश्वास में डूब गया और उसे शक हो गया कि उसके पिता रामदास रजक ने ही ओझागुणी (जादू-टोना) कर उसकी पत्नी को छप्पर से नीचे गिराया है। इसी बात से गुस्से में आकर आरोपी ने पिता को सबक सिखाने की धमकी दी थी और आखिरकार इस खौफनाक अंजाम तक पहुंच गया।
शव की बरामदगी बनी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती
घटना की सूचना मिलते ही इमामगंज थाने की पुलिस तुरंत कुईबार गांव पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। इमामगंज थाने के एसआई नौशाद खान और एसएचओ ने बताया कि पुलिस लगातार रामदास रजक के शव की तलाश कर रही है। गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं; कुछ लोगों का कहना है कि सबूत मिटाने के लिए शव को जला दिया गया है, तो कुछ का मानना है कि उसे किसी सुनसान जगह पर फेंक दिया गया है।
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती गायब शव को ढूंढना है। समाचार लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। पुलिस का कहना है कि लिखित शिकायत मिलने और शव बरामद होने के बाद ही हत्या के सही कारणों का पूरी तरह खुलासा हो सकेगा और आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



