गोरखपुर विकास प्राधिकरण करीब 200 आवासीय और 80 से अधिक व्यावसायिक संपत्तियों को 25% कम कीमत पर बेचने की तैयारी कर रहा है. शासन की मंजूरी के बाद संशोधित दरों पर नए पंजीकरण शुरू होंगे और पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर भी आवंटन किया जा सकेगा.

गोरखपुर. गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) अपनी पुरानी योजनाओं में लंबे समय से बिक्री के लिए बची करीब 280 आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों को 25% कम कीमत पर बेचने की तैयारी कर रहा है. इनमें करीब 200 आवासीय और 80 से अधिक व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं. इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 225 करोड़ रुपये बताई गई है.

GDA के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल के अनुसार, वसुंधरा आवासीय योजना और लोहिया आवास योजना समेत कई परियोजनाओं में लोगों को फ्लैट, आवास, प्लॉट और व्यावसायिक संपत्तियां अपेक्षाकृत कम कीमत पर खरीदने का अवसर मिलेगा. प्राधिकरण जल्द ही इसके लिए टेंडर जारी करने की तैयारी में है.

इन योजनाओं में संपत्ति

वसुंधरा योजना में जिन प्लॉटों की शुरुआती कीमत 50 लाख रुपये थी, उनकी कीमत बढ़कर 90 लाख रुपये तक पहुंच गई है. वहीं गोलघर स्थित GDA टावर में खाली पड़े कार्यालय ब्लॉक की कीमत करीब सवा करोड़ रुपये हो चुकी है.

इसके अलावा वसुंधरा एन्क्लेव के फेज एक, दो और तीन, बुद्धा मिनी मार्ट देवरिया बाईपास, बुद्ध विहार पार्ट ए और शॉपिंग सेंटर, वैशाली आवासीय योजना तथा राप्ती नगर की विभिन्न योजनाओं में मौजूद संपत्तियों को भी बिक्री के लिए रखा जाएगा.

एक दशक से अटकी बिक्री

GDA के मुताबिक, इनमें कुछ ऐसी संपत्तियां हैं जो करीब एक दशक से बिक्री के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन तय कीमत पर इनका आवंटन नहीं हो सका. बिक्री नहीं होने के कारण कुछ आवासीय संपत्तियों को अलोकप्रिय श्रेणी में रखा गया था.

इन संपत्तियों की कीमत 25% कम करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था. GDA बोर्ड में भी मूल्य कम करने का प्रस्ताव पास किया गया, जिसके बाद कैबिनेट से इसकी मंजूरी मिल गई. शासन की ओर से संबंधित निर्देश जारी होते ही संशोधित दर लागू कर नए पंजीकरण शुरू किए जाएंगे.

पहले आओ, पहले पाओ

नई व्यवस्था के तहत लोग ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर भी संपत्तियां खरीद सकेंगे. GDA का कहना है कि इससे लोगों को अच्छी लोकेशन और सुरक्षित आवासीय योजनाओं में कम कीमत पर आवास और प्लॉट लेने का मौका मिलेगा.

GDA उपाध्यक्ष ने बताया कि प्राधिकरण सामान्य तौर पर हर साल आवासीय संपत्तियों की कीमत में 10% और व्यावसायिक संपत्तियों की कीमत में 12% की बढ़ोतरी करता है. दो साल पहले यह वृद्धि क्रमशः 15% और 18% थी. लंबे समय से नहीं बिक रही संपत्तियों के लिए कीमत घटाने की प्रक्रिया इसी वजह से अपनाई गई है.

बिक्री की वजह तलाशेगा GDA

GDA चेयरमैन इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि संपत्तियों की बिक्री के लिए यह प्रक्रिया शासन की SOP के तहत अपनाई जा रही है. उन्होंने कहा कि किसी संपत्ति के लोकप्रिय या अलोकप्रिय होने के पीछे आसपास के पारिस्थितिक कारणों के साथ दूरी जैसे कई कारक हो सकते हैं.

उन्होंने कहा कि ये प्राधिकरण की मूल्यवान संपत्तियां हैं और GDA का लैंड बैंक लगातार सीमित होता जा रहा है. इसलिए बोर्ड ने इन संपत्तियों की बिक्री नहीं होने के कारणों का विस्तृत अध्ययन करने की प्रक्रिया तय की है.

इसके बाद छूट और बिक्री के निर्धारित नियमों के तहत ओपन लॉटरी से आवंटन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी. एकमुश्त भुगतान करने वाले को 45 से 90 दिन के भीतर 4 से 6% अतिरिक्त छूट देने का प्रावधान भी किया जा रहा है.