Bihar Politics: कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपना रुख साफ कर दिया। कांग्रेस ने 1937 के फैसले को बरकरार रखते हुए यह तय किया है कि पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत के सिर्फ पहले दो पद ही गाए जाएंगे। वहीं, CWC की बैठक में राम मंदिर चंदे के मुद्दे को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ। पार्टी इस मुद्दे को देशभर में जमीनी स्तर तक ले जाने की रणनीति बनाई है। CWC बैठक और कांग्रेस के इस फैसल पर बिहार में भी सियासत देखने को मिल रही है।
पाकिस्तान और चीन की भाषा बोल रहा कांग्रेस- गिरिराज सिंह
कांग्रेस के इस फैसले पर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की तिखी प्रतिक्रिया सामने आई है। गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा, 15 अगस्त को वंदे मातरम् का अपमान, और आज पाकिस्तान-चीन की भाषा…कांग्रेस की यही असली सोच है।
उन्होंने कहा कि, जो कांग्रेस राष्ट्रगीत तक का सम्मान नहीं कर सकी, वह आज देशभक्ति का मुखौटा लगाकर जनता को गुमराह करने निकली है। उसके बयान और रवैया लगातार वही भाषा बोल रहे हैं, जो भारत के विरोधियों को रास आती है। गिरिराज सिंह ने कहा कि, यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि कांग्रेस की ‘दिमागी नक्सल’ और अर्बन नक्सल मानसिकता का खुला प्रदर्शन है।
कांग्रेस को राष्ट्र प्रेम से मतलब नहीं- ललन सिंह
वहीं, जदयू नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कांग्रेस के इस फैसले पर कहा कि, कांग्रेस कार्य समिति ने जो प्रस्ताव पारित किया है, वो अपने आप यह बताता है कि कांग्रेस पार्टी को राष्ट्र प्रेम से कोई मतलब नहीं है। देश भक्ति से कोई मतलब नहीं है। उनको समाज के एक खास वर्ग के लोगों को खुश करना है। इसलिए इस तरह का फैसला करते हैं। उनके लिए राष्ट्र प्रेम का कोई अर्थ नहीं है। वंदे मातरम् के तीसरे छंद में यह अंकित है कि भारत मां को शक्ति के रूप में देखा है और चौथे छंद में दुर्गा की चर्चा है, तो इसलिए उनको दो छंद ही गाना है।
कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने क्या कहा?
CWC बैठक को लेकर भाजपा के आरोप पर कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि, ये लोग आजादी की लड़ाई में कहां थे? भाजपा का कोई इतिहास है क्या? देश को आजादी दिलाने वाली पार्टी कांग्रेस थी। संविधान देने वाली पार्टी कांग्रेस थी ये लोग क्या जानें? वंदे मातरम में जो 2 छंद गाने का प्रस्ताव है इसे रविंद्र नाथ टौगोर ने मंजूरी दी थी।
जानें क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि कल 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान का एक वीडियो सामने आया, जिसमें राष्ट्रगान/वंदे मातरम् बजने के दौरान कांग्रेस के बड़े नेता (सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे) आपस में बातचीत करते हुए नजर आए। इसी वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा इसे राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ का अपमान बता रहा है और लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी के कार्यकर्ता कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
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