Business Desk – Global Market Today : एशियाई शेयर बाजारों में बुधवार, 29 जुलाई को भी कमजोरी का माहौल बना रहा। अमेरिकी चिप कंपनियों में लगातार बिकवाली का असर एशियाई बाजारों पर साफ दिखाई दिया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.11% टूट गया, जबकि जापान का निक्केई करीब 1.30% गिरकर 61,555 के आसपास कारोबार करता दिखा।

ताइवान का बाजार भी 1.81% लुढ़क गया। दूसरी ओर, हांगकांग का हैंगसेंग 1.49% और सिंगापुर का स्ट्रेट टाइम्स 0.27% की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं, शंघाई कंपोजिट 0.75% की गिरावट में रहा।
अमेरिकी बाजार में मिला-जुला रुख
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार में अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 500 अंकों से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। निवेशकों ने फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले से पहले अपनी पोजिशन मजबूत की।
हालांकि, सेमीकंडक्टर कंपनियों में कमजोरी के चलते नैस्डैक लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। बुधवार सुबह अमेरिकी इंडेक्स फ्यूचर्स भी लगभग सपाट कारोबार करते दिखे। S&P 500 और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में मामूली बदलाव रहा, जबकि डॉव फ्यूचर्स हल्की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
चिप शेयरों में लगातार बिकवाली
सेमीकंडक्टर सेक्टर में दबाव लगातार बना हुआ है। Sandisk का शेयर करीब 14% टूट गया। Micron, SK Hynix ADR, Seagate और Intel जैसे बड़े चिप शेयर भी 10% तक फिसल गए। इसी वजह से अमेरिकी टेक सेक्टर पर दबाव बढ़ा और इसका असर एशियाई बाजारों में भी देखने को मिला।
क्रूड ऑयल में 3% से ज्यादा रिकवरी
कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को जोरदार वापसी हुई। पिछले कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के बाद ब्रेंट क्रूड करीब 3.2% उछलकर 86.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, WTI क्रूड भी 3.4% की तेजी के साथ 81.95 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में उम्मीद से ज्यादा कमी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने कीमतों को सहारा दिया।
US-Iran तनाव फिर बढ़ा
अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने मध्य पूर्व में अपने सैनिकों को निशाना बनाने की ईरानी कोशिश को नाकाम कर दिया। वहीं, इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया ने लगातार दूसरे दिन सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में तेल प्रतिष्ठानों पर ड्रोन हमला किया। हालांकि, सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमले को रोक दिया गया और ईरान ने इस घटना में किसी भी भूमिका से इनकार किया है।
फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी नजर
बाजार की सबसे बड़ी नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर है। बुधवार को फेड ब्याज दरों पर फैसला सुनाएगा, जिसके बाद चेयरमैन केविन वॉर्श प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
CME FedWatch Tool के मुताबिक करीब 70% संभावना है कि फेड ब्याज दरों को मौजूदा 3.5% से 3.75% की सीमा में ही बरकरार रखेगा। हालांकि, 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की संभावना भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
सोने की कीमतों में नरमी
फेड के फैसले से पहले सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। पिछले कारोबारी सत्र में 1.1% गिरने के बाद शुरुआती कारोबार में सोना करीब 4,020 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा।
आमतौर पर ऊंची ब्याज दरों की संभावना सोने पर दबाव डालती है क्योंकि इस धातु से ब्याज आय नहीं होती। इसके बावजूद निवेशकों की खरीदारी के चलते सोना जून के आखिर से 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम स्तर के ऊपर बना हुआ है।


