कुमार इंदर, जबलपुर। क्या ओटीटी प्लेटफॉर्म्स अब अपराधियों और भगोड़ों के महिमामंडन का जरिया बनते जा रहे हैं? क्या पैसे के दम पर दुबई में बैठे सट्टा किंग को भारत के युवाओं के सामने एक ‘रोल मॉडल’ की तरह पेश किया जा रहा है?
यह सवाल हम नहीं, बल्कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) उठा रहा है। नेटफ्लिक्स इंडिया पर चल रहे एक रियलिटी शो को लेकर अब बड़ा विवाद खड़ा हो गया है और इस मामले में मानवाधिकार आयोग नेटफ्लिक्स को नोटिस जारी करने जा रहा है। मामला जुड़ा है मध्य प्रदेश के जबलपुर के एक ऐसे भगोड़े अपराधी से, जो कभी किराना दुकान चलाता था और आज दुबई में बैठकर भारत में सट्टे का काला साम्राज्य चला रहा है।
देसी ब्लिंग (Desi Bling)
दरअसल, नेटफ्लिक्स इंडिया पर इन दिनों एक नया रियलिटी शो छाया हुआ है, जिसका नाम है ‘देसी ब्लिंग’ (Desi Bling)। करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश के इस शो में दुबई के अरबपति बिजनेसमैन की आलीशान लाइफस्टाइल और चमक-धमक दिखाई जाती है। इसी शो में आजकल भारत के एक कपल की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। यह कपल है सतीश सनपाल और उसकी पत्नी तबिंदा। शो में सतीश सनपाल को एक बड़े रईस और कामयाब बिजनेसमैन के तौर पर पेश किया गया है, उसकी लग्जरी जिंदगी दिखाई जा रही है। लेकिन इस चमक-धमक के पीछे का जो काला सच है, उसे नेटफ्लिक्स ने छुपा लिया। और इसी बात को लेकर अब विरोध शुरू हो गया है।
कौन है सट्टा किंग सतीश सनपाल?
बता दें कि आखिर यह सतीश सनपाल है कौन, जिसे नेटफ्लिक्स पर ‘ग्लोरिफाई’ किया जा रहा है। जबलपुर से दुबई का सफर: सतीश सनपाल मूल रूप से मध्य प्रदेश के शाहडोल जिले का रहने वाला है। शुरुआत में वह शहडोल में चाय की दुकान चलाता था, उसके बाद सतीश सनपाल जबलपुर आ गया और जबलपुर में ही एक किराना दुकान चलाने लगा इसी के साथ सतीश सनपाल सट्टा खिलवाने वालों के संपर्क में आ गया और फिर देखते ही देखते सतीश सनपाल ने सट्टे का काला साम्राज्य खड़ा कर लिया।
छोटे-मोटे काम से शुरुआत करने वाला सतीश सनपाल आज भारत का बड़ा ‘सट्टा किंग’ बन चुका है। बताया जाता है कि वह ‘ओपन वेब एक्सचेंज’ के माध्यम से पूरे भारत में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिलवाता है। कहा ये भी जाता है कि, सतीश सनपाल ANAX होल्डिंग का संस्थापक और अध्यक्ष भी हैं ,जिसमें रियल एस्टेट, हॉस्पिटैलिटी और निवेश जैसे व्यवसाय शामिल हैं।
एक दर्जन से ज्यादा गंभीर मामले है दर्ज
सतीश सनपाल पर मनी लॉन्ड्रिंग, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और अवैध जुआ गतिविधियों के बेहद गंभीर आरोप हैं। अकेले जबलपुर के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ 13 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
लुकआउट नोटिस और SIT: वह भारतीय कानून से बचने के लिए दुबई भाग चुका है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है और उसके मामलों की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है। जबलपुर पुलिस ने हाल ही में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके कई गुर्गों को गिरफ्तार किया था, लेकिन दुबई में बैठा सतीश सनपाल अब भी कई राज्यों में अपना गैंग चला रहा है।
युवा पीढ़ी में बेहद गलत संदेश
एक भगोड़े अपराधी की आलीशान जिंदगी को ओटीटी पर दिखाए जाने के खिलाफ बीजेपी युवा मोर्चा के नेता योगेंद्र सिंह राजपूत ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। प्रियंक कानूनगो का कहना है कि जुए और सट्टे के काले पैसों के आधार पर बेहतर लाइफस्टाइल दिखाना एक गंभीर अपराध है।
अपराधियों के इस तरह के महिमामंडन (Glorification) से समाज और हमारी युवा पीढ़ी में बेहद गलत संदेश जाता है। युवाओं को लगता है कि अपराध के रास्ते पर चलकर भी रईसी हासिल की जा सकती है। इसी को देखते हुए अब NHRC नेटफ्लिक्स को नोटिस जारी करने की तैयारी में है।
क्या पुलिस वापस भारत ला पाएगी?
साफ है कि मनोरंजन के नाम पर अपराधियों की छवि चमकाने के इस खेल पर अब कानून का शिकंजा कसता नजर आ रहा है। देखना होगा कि मानवाधिकार आयोग के इस सख्त रुख के बाद नेटफ्लिक्स इंडिया इस शो को लेकर क्या कदम उठाता है। क्या एक भगोड़े सट्टेबाज को स्क्रीन पर हीरो बनाकर पेश करने वाले इस शो पर रोक लगेगी। क्या सतीश सनपाल को पुलिस वापस भारत ला पाएगी।

