धनेश विद्यार्थी, बावल/रेवाड़ी। बावल के सेक्टर-5 स्थित जीएलएस कंपनी में 19 मई को लगी भीषण आग में घायल एक और कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। इससे पहले 72 घंटे के भीतर दो कर्मचारियों के जले हुए अवशेष मिले थे, जबकि गंभीर रूप से घायल हरी बाबू की अस्पताल में मौत हो चुकी थी। अब दूसरे गंभीर रूप से घायल प्रवेश ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

उधर, जिंदा जलने वाले दो कर्मचारियों के परिजनों की शिकायत पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ पुलिस ने लापरवाही का मामला दर्ज कर रखा है। कुछ घायल कर्मचारियों का अभी भी निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

बताया गया कि केमिकल आग में गंभीर रूप से घायल छह लोगों हरी बाबू, प्रवेश, अमित, विक्रम, राहुल और सचिन को गुरुग्राम और दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था।

22 मई को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान हरी बाबू की मौत हो गई थी। वहीं 29 मई को घायल प्रवेश ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले उसके स्वास्थ्य में सुधार होने और आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट किए जाने की जानकारी मिली थी।

19 मई को आग लगने की सूचना मिलने के बाद डीसी अभिषेक मीणा और एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की थी। एसडीएम बावल संजीव कुमार, डीएसपी बावल सुरेंद्र श्योराण, एसएचओ बावल और कंपनी प्रबंधन के साथ कई बैठकें भी हुई थीं।

24 मई को कंपनी परिसर में चलाए गए सर्च अभियान के दौरान दो कर्मचारियों के कंकाल बरामद हुए थे। इनमें धर्मेंद्र (26), पुत्र सदन रावत, निवासी केवल बीघा, बिहार और सत्येंद्र पासवान उर्फ ताऊ (45), पुत्र जगदीश पासवान, निवासी जिला नालंदा, बिहार शामिल थे।

डीएनए परीक्षण के बाद दोनों के अवशेष उनके परिजनों को सौंप दिए गए।

प्रवेश कुमार (40), पुत्र महेंद्र, निवासी गांव तीतरवाला, थाना गंजालपुर मंडावर, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश), अपनी पत्नी और दो वर्षीय बेटी के साथ परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

बावल पुलिस के अनुसार, अन्य घायल कर्मचारी अमित कुमार, विक्रम, राहुल और सचिन की हालत में सुधार है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रवेश कुमार का 11 दिनों तक सफदरजंग अस्पताल में इलाज चला, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

कंपनी में लगातार कर्मचारियों की मौत होने से मामले की गंभीरता बढ़ गई है। पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है। सभी घायल और मृतक कर्मचारी कंपनी के मैनेजमेंट विभाग में कार्यरत थे।