वीरेन्द्र गहवई, बिलासपुर। हाईकोर्ट ने महासमुंद जिला जेल में हत्या के आरोप में बंद एक बंदी नीरज भोई की संदिग्ध मौत के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को 31 अगस्त तक व्यक्तिगत शपथपत्र देने के निर्देश दिए हैं। पोस्टमार्टम में कैदी के शरीर पर 35 चोटों के निशान मिले हैं।

कोर्ट ने मौत की परिस्थितियों पर मांगा जवाब
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के मामले में जेल में बंद आरोपी की किन परिस्थितियों में मौत हुई। हिरासत में हिंसा और मौत की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाएं कानून के शासन पर आघात हैं। खासकर तब, जब हिरासत में व्यक्ति पूरी तरह असहाय होता है और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य के अधिकारियों पर होती है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी दिया गया हवाला
सुनवाई के दौरान कोर्ट के संज्ञान में लाया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक मामले में हिरासत में मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया है। साथ ही पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश भी दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि लॉकअप या जेल की चारदीवारी के भीतर व्यक्ति पूरी तरह असहाय स्थिति में होता है। ऐसी स्थिति में वर्दी और अधिकार के संरक्षण में होने वाली हिंसा कानून के शासन की मूल भावना को प्रभावित करती है।
सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से बताया गया कि मृतक के परिवार को 7.50 लाख रुपये मुआवजा दिया जा चुका है। जिला जेल महासमुंद के सहायक जेल अधीक्षक की 21 सितंबर 2025 की सूचना के अनुसार, यह राशि 20 सितंबर 2025 को भुगतान की गई थी। हालांकि, मुआवजा दिए जाने की जानकारी के बावजूद हाईकोर्ट ने मौत की परिस्थितियों को लेकर राज्य के शीर्ष अधिकारियों से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगना जरूरी समझा। कोर्ट ने खास तौर पर पोस्टमार्टम में मिले 35 चोटों के निशानों को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
31 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
डिवीजन बेंच ने मुख्य सचिव और डीजीपी को शपथपत्र में यह बताने के निर्देश दिए हैं कि धारा 302 के मामले में जेल में आरोपी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसके शरीर पर पोस्टमार्टम के दौरान 35 चोटें कैसे पाई गईं। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
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