अनुज कुमार/​गोपालगंज। समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में शनिवार को जिला 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बिहार सरकार के कृषि मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री विजय कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में जिले के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और जन वितरण प्रणाली की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि लोकहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​सरकारी संपत्ति से अतिक्रमण हटाना प्राथमिकता

​बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने सरकारी भूमि, भवनों एवं सार्वजनिक संपत्तियों पर हो रहे अवैध कब्जों पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकारी संपत्ति जनता की धरोहर है जिस पर किसी का भी अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सरकारी भूमि की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि अभियान चलाकर न केवल अतिक्रमण हटाया जाए बल्कि कब्जाधारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।

​किसानों के लिए फार्मर आईडी और खाद की उपलब्धता

​कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मंत्री ने फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया को गति देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचाने के लिए उनका पंजीकरण अनिवार्य है। कृषि विभाग को निर्देश दिया गया कि पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाकर अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करें ताकि उन्हें समय पर अनुदान, बीमा और तकनीकी सहायता मिल सके।
​खाद की कालाबाजारी पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रभारी मंत्री ने प्रशासन को 15 दिनों के भीतर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई विक्रेता खाद की जमाखोरी, कृत्रिम किल्लत पैदा करने या निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूलते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, खाद की उपलब्धता की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया।
​इस बैठक में शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, विधायक मंजीत सिंह, विधायक सुभाष सिंह, विधान पार्षद बीरेंद्र प्रसाद नारायण, जनक राम, जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा सहित जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी और 20 सूत्री समिति के सदस्य उपस्थित थे। प्रभारी मंत्री ने बैठक के अंत में कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को निर्बाध सेवाएं प्रदान करना है, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।