अनुज कुमार पांडेय, गोपालगंज। जिले के उचकागांव थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां संत मोड़ के पास रविवार की देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की जान चली गई। मृतकों की पहचान हरपुर बाजार निवासी गौरी शंकर मांझी के 17 वर्षीय पुत्र बिक्की कुमार और राजकपूर मांझी के 22 वर्षीय पुत्र जिम्मी कुमार के रूप में हुई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से दोनों परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।

​शादी की खुशियां मातम में बदलीं

​परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, बिक्की कुमार 10वीं कक्षा का छात्र था, जबकि जिम्मी कुमार बीए पार्ट-1 में पढ़ाई कर रहा था। दोनों युवक आपस में गहरे दोस्त और पड़ोसी थे। रविवार को वे वृंदावन गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। जिम्मी अपने चचेरे भाई की बारात में शामिल होने गया था, और बिक्की भी उसके साथ था।
​शादी समारोह का जश्न मनाने के बाद देर रात दोनों बाइक से वापस अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान, उचकागांव थाना क्षेत्र के संत मोड़ के पास उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई। रफ्तार तेज होने के कारण बाइक का संतुलन ऐसा बिगड़ा कि दोनों सड़क पर दूर जा गिरे।

​अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें

​हादसा इतना भयानक था कि दोनों युवक लहूलुहान होकर सड़क पर ही तड़पने लगे। देर रात की आवाज सुनकर स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना देते हुए दोनों घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। हालांकि, घाव इतने गहरे थे कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में ही दोनों ने दम तोड़ दिया। अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

​रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल, जांच में जुटी पुलिस

​घटना की जानकारी मिलते ही उचकागांव थाने की पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि दुर्घटना किसी अन्य वाहन की टक्कर से हुई या बाइक अनियंत्रित होने के कारण।

​घर के सबसे छोटे चिराग थे दोनों युवक

ग्रामीणों ने बताया कि बिक्की और जिम्मी, दोनों ही अपने-अपने परिवार के सबसे छोटे बेटे थे। दोनों होनहार थे और अपनी पढ़ाई कर रहे थे। एक साथ दो सगे पड़ोसियों और घर के सबसे छोटे बेटों की मौत की खबर मिलते ही हरपुर बाजार गांव में चूल्हे तक नहीं जले। सदर अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है, जहां मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।