अनुज पांडेय/गोपालगंज। गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के बनरवा गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक 35 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान सुभाष यादव की पत्नी अंजू देवी के रूप में की गई है। घटना के बाद से ही मृतका के ससुराल पक्ष के सभी लोग घर छोड़कर फरार हैं। वहीं, मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर गला दबाकर हत्या करने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है।
खाना बनाने को लेकर हुआ था विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, बनरवा गांव में पारिवारिक कलह की वजह बेहद मामूली थी। परिजनों ने बताया कि घर में अक्सर खाना बनाने को लेकर विवाद होता रहता था। गुरुवार की रात भी इसी बात को लेकर पति-पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के बीच तीखी कहासुनी हुई थी। मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि इस मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद अंजू देवी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई।
हत्या कर शव को पंखे से लटकाने का आरोप
मायके वालों का स्पष्ट आरोप है कि मारपीट के दौरान ससुराल वालों ने अंजू देवी का गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद, इस जघन्य अपराध को आत्महत्या का रूप देने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से शव को साड़ी के फंदे के सहारे छत के पंखे से लटका दिया गया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ससुर, सास और पति मौके से फरार हो गए।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचा मायका पक्ष
शुक्रवार की सुबह जब आसपास के ग्रामीणों को घर में सन्नाटा और संदिग्ध हलचल दिखी, तो उन्होंने इसकी सूचना तुरंत मृतका के मायके वालों को दी। सूचना मिलते ही रोते-बिलखते मायके पक्ष के लोग बनरवा गांव पहुंचे। घर के भीतर का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी गई।
पुलिसिया कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही बैकुंठपुर थाना पुलिस तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए गोपालगंज सदर अस्पताल भेज दिया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला पूरी तरह संदिग्ध है। मृतका के शरीर पर चोट के निशान और मायके पक्ष के बयानों को दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजने का दावा किया है। इस घटना के बाद से बनरवा गांव और मृतका के मायके में मातम पसरा हुआ है।

