पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने कुछ खास प्रकार के सिल्वर बार (चांदी की ईंटे) के आयात पर तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगा दी है. विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, 99.9% शुद्धता वाले सिल्वर बार को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया गया है. इसके अलावा अन्य सिल्वर बार को भी प्रतिबंधित आयात श्रेणी में शामिल किया गया है. केंद्र सरकार ने कुछ खास प्रकार के सिल्वर बार के आयात पर तत्काल प्रभाव से पाबंदी लगा दी है.
मोदी सरकार ने चांदी के इंपोर्ट को अनिवार्य बनाते हुए इसे मुक्त श्रेणी से प्रतिबंधित श्रेणी में डाल दिया है. इंपोर्ट के लिए अब सरकारी मंजूरी या लाइसेंस की आवश्यकता होगी.
केंद्र सरकार ने चांदी (Silver) के इंपोर्ट को लेकर बड़ा फैसला किया है. केंद्र ने शनिवार को चांदी के इंपोर्ट के लिए अपनी मंजूरी जरूरी कर दी , जिससे इस मेटल को ‘फ्री’ से ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया गया. दरअसल अप्रैल में सालाना आधार पर सिल्वर के इंपोर्ट में करीब 157 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी. हाल ही में सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) को 6% से बढ़ाकर 15% करने के बाद उठाया गया है, ताकि इंपोर्ट को कंट्रोल किया जा सके और ऊर्जा व उर्वरक जैसी जरूरी वस्तुओं के लिए विदेशी मुद्रा बचाई जा सके.
वाणिज्य मंत्रालय की संशोधित आयात नीति के तहत यह कदम देश में चांदी के आयात को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है. अधिसूचना में कहा गया है कि चांदी आयात से जुड़े नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं. इससे पहले सरकार ने कीमती धातुओं पर आयात शुल्क में भारी बढ़ोतरी की थी. अधिसूचना के अनुसार, शनिवार से चांदी का अप्रतिबंधित आयात बंद कर दिया गया है. अब किसी को भी इसे इंपोर्ट करने के लिए सरकारी मंजूरी या लाइसेंस की आवश्यकता होगी.
दो प्रकार के HS कोड में बुलियन-ग्रेड चांदी या 99.9% या उससे अधिक वजन वाली चांदी की छड़ें और अन्य प्रकार की चांदी की छड़ें शामिल हैं. हार्मोनाइज्ड सिस्टम (एचएस) कोड व्यापारिक उत्पादों के लिए एक वर्गीकरण प्रणाली है.
बताते चले कि सरकार ने सोने के आयात के लिए एडवांस ऑथराइजेशन जारी करने और उसकी निगरानी के नियम भी कड़े कर दिए हैं. पहले इस स्कीम के तहत सोने के आयात पर कोई सीमा नहीं थी. पश्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ते इम्पोर्ट बिल के बीच सरकार ने सोना और चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, ताकि गैर-जरूरी खरीद को हतोत्साहित किया जा सके. सोना और चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है. प्लैटिनम पर इम्पोर्ट ड्यूटी 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके अलावा गोल्ड/सिल्वर डोरे, सिक्कों और अन्य संबंधित वस्तुओं पर भी ड्यूटी स्ट्रक्चर में बदलाव किए गए हैं.

