संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने शासकीय सेवाओं के नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने ‘नए सिविल सेवा नियम 2026’ का मसौदा (ड्राफ्ट) जारी कर दिया है। इस नए ड्राफ्ट में जनसंख्या नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों पर सरकारी नौकरी की पाबंदी को बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही एक से अधिक जीवित जीवनसाथी होने की स्थिति में भी उम्मीदवार को अपात्र घोषित किया जाएगा।

नए ड्राफ्ट की मुख्य शर्तें

26 जनवरी 2001 की कट-ऑफ: ऐसे उम्मीदवार जिनकी दो से अधिक जीवित संतानें हैं और उनमें से किसी एक का जन्म 26 जनवरी 2001 या उसके बाद हुआ है, वे शासकीय सेवा के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे। बहुविवाह पर रोक: यदि किसी उम्मीदवार का एक से अधिक जीवित जीवनसाथी (पति/पत्नी) है, तो वह भी इस नियम के तहत सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य होगा।

भाजपा का दावा: प्रदेशहित में फैसला, दूर होगी बेरोजगारी

नियमों की समीक्षा पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय यादव ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा- “सरकार समय-समय पर नीतियों की समीक्षा करती है। जनसंख्या नियंत्रण और केंद्र व अन्य राज्यों की नीतियों को ध्यान में रखकर ही यह निर्णय लिए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश के तमाम विभागों में भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से लगातार नौजवानों को रोजगार मिल रहा है। सरकार प्रदेशहित में काम कर रही है और जल्द ही प्रदेश में कोई भी नौजवान बेरोजगार नहीं रहेगा।” उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष केवल झूठ फैलाने और नीतिगत मुद्दों का राजनीतिकरण करने का काम कर रहा है।

आरएसएस कहता है तीन बच्चे पैदा करो, सरकार ला रही पाबंदी

इस नए ड्राफ्ट के सामने आते ही विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राहुल राज ने सरकार की नीतियों और दावों पर तीखे सवाल खड़े किए है। कांग्रेस ने पूछा कि नई शर्तों की बात क्यों की जा रही है जबकि दो-संतान नीति का प्रावधान पहले से ही लागू है। मुख्यमंत्री ने जो एक लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था, उसका क्या हुआ? आज प्रदेश में 26 लाख से अधिक युवा बेरोजगार बैठे हैं।

विरोधाभास पर घेरा

कांग्रेस प्रवक्ता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा के अंतर्विरोध पर तंज कसते हुए कहा, “एक तरफ मोहन भागवत तीन बच्चे पैदा करने की सलाह देते हैं और कहते हैं कि हिंदू आबादी खतरे में है, वहीं दूसरी तरफ उनकी ही सरकार इसके उलट नियम बना रही है।” विपक्ष ने सरकार से वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के शिक्षाकर्मियों की बंद पड़ी पेंशन योजना को दोबारा चालू करने और प्रदेश में आए 32 लाख करोड़ रुपये के निवेश से युवाओं को कब तक रोजगार मिलेगा, इस पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। इस नए सिविल सेवा नियम के ड्राफ्ट के बाद प्रदेश में रोजगार, जनसंख्या नीति और बंद पड़ी पेंशन योजनाओं को लेकर आने वाले दिनों में सियासी पारा और चढ़ने के आसार हैं।

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