चंडीगढ़। हरियाणा में जनगणना (Census) के काम में लापरवाही बरतने वाले सरकारी कर्मचारियों पर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। ड्यूटी लगाए जाने के बाद भी काम पर न पहुंचने वाले कर्मियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। अब तक प्रदेश के 6 जिलों में 36 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जा चुकी है। वहीं, करीब 80 अन्य कर्मचारियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया है, जिन पर जल्द ही केस दर्ज हो सकता है। कार्रवाई की जद में आने वाले ज्यादातर लोग सरकारी शिक्षक हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद इन्हें सस्पेंड भी किया जाएगा।

किस जिले में कितनी कार्रवाई? (Haryana Census Duty Legal Action)

प्रशासनिक स्तर पर बरती जा रही इस सख्ती के तहत अलग-अलग जिलों से पुलिस को लिस्ट सौंपी जा रही है।

  • गुरुग्राम: लापरवाही करने वाले 5 कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज हो चुका है। कुल 3,000 ब्लॉक में से 450 ब्लॉक में काम शुरू नहीं हुआ है, जिससे 400 से ज्यादा कर्मचारी रडार पर हैं। 19 और लोगों पर केस की सिफारिश की गई है।
  • सोनीपत और फरीदाबाद: सोनीपत में 18 कर्मचारियों की सूची पुलिस को दी गई है। वहीं फरीदाबाद में 9 पर पहले ही एफआईआर हो चुकी है और 22 अन्य के खिलाफ तैयारी है।
  • कुरुक्षेत्र और भिवानी: कुरुक्षेत्र में फोन न उठाने और ड्यूटी से गायब रहने पर 2 क्लर्कों पर केस हुआ है। भिवानी में नोटिस का अभद्र जवाब देने पर एक शिक्षक पर एफआईआर दर्ज की गई है।
  • पंचकूला: यहां 21 कर्मियों की सूची तैयार कर उनके सस्पेंशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

3-3 ड्यूटियों का बोझ, पढ़ाई ठप होने का खतरा

दूसरी तरफ, कर्मचारियों और शिक्षकों का दर्द भी सामने आया है। उनका कहना है कि उन पर काम का एक्स्ट्रा बोझ डाल दिया गया है। एक ही समय में उन्हें वोटर लिस्ट रिवीजन, जनगणना और स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। प्रदेश के स्कूलों में पहले ही शिक्षकों के 15,000 से ज्यादा पद खाली हैं। पानीपत जैसे जिलों में तो कई स्कूलों का पूरा स्टाफ ही जनगणना में लगा दिया गया है, जिससे बच्चों की पढ़ाई ठप होने की कगार पर है।

फील्ड में हो रहा विरोध, तबादलों पर भी लगी रोक

फील्ड में जा रहे कर्मियों को जनता के विरोध का भी सामना करना पड़ रहा है। जुलाना से सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें लोग डेटा लीक होने के डर से अपने घर की जानकारी देने से साफ मना कर रहे हैं और कर्मचारियों को भगा रहे हैं।

इसके अलावा, कर्मचारियों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि इतनी भारी धूप में घंटों फील्ड वर्क करने के बाद भी उन्हें कोई अलग से भत्ता या पेमेंट नहीं मिल रहा है। ऊपर से सरकार ने जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के ट्रांसफर पर 31 मार्च 2027 तक के लिए रोक लगा दी है।