अजय सैनी, भिवानी। भिवानी और चरखी दादरी क्षेत्र में नकदी फसल ग्वार पर गालवास्प कीट के प्रकोप को लेकर कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सतर्क किया है। भिवानी के सिवानी, बहल और झुंपा तथा चरखी दादरी के बाढड़ा और दादरी-2 क्षेत्र में यह समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। अब इसका असर आसपास के दूसरे क्षेत्रों में भी फैल रहा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो ग्वार की पैदावार में 20 से 25 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है।

किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बहल खंड के गांव कासनी कलां में ग्वार फसल स्वास्थ्य प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इसका आयोजन एटीएम डॉ. मदन सिंह के तत्वावधान और चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त ग्वार वैज्ञानिक डॉ. बी.डी. यादव के सहयोग से हुआ।

शिविर में वैज्ञानिकों ने किसानों को गालवास्प कीट की पहचान, नियंत्रण और फसल की पैदावार बेहतर रखने के उपाय बताए।

फूल आने के बाद रुक जाती है फली बनने की प्रक्रिया

ग्वार विशेषज्ञ डॉ. बी.डी. यादव ने बताया कि गालवास्प कीट का प्रकोप आमतौर पर 15 अगस्त के आसपास शुरू होता है और फलियां बनने तक जारी रहता है। इस साल अगस्त के अंत में इसके लक्षण दिखाई देने शुरू हुए हैं।

उन्होंने बताया कि कीट के प्रभाव से ग्वार की फसल में फलियों की जगह मणियां या गांठें बनने लगती हैं। फूल आने के बाद फली बनने की प्रक्रिया रुक जाती है। कीट का फैलाव भी तेजी से होता है। इससे पैदावार में 20 से 25 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।

किसानों को बताए कीट नियंत्रण के उपाय

डॉ. बी.डी. यादव ने किसानों को गालवास्प से बचाव के उपाय भी बताए। उन्होंने 200 मिलीलीटर रोगोर और 100 मिलीलीटर कोन्फीडोर को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करने की जानकारी दी। पहला स्प्रे करने के 10 से 15 दिन बाद दूसरा स्प्रे करने की सलाह दी गई।

उन्होंने बताया कि अगर फसल में शुरुआत में ही प्रकोप अधिक दिखाई दे तो प्रोफेनोफॉस 40 प्रतिशत प्लस साइपर 4 प्रतिशत दवा का घोल 2 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़का जा सकता है। इसका दूसरा छिड़काव भी 10 से 15 दिन बाद दोहराने की बात कही गई।

55 किसानों को बांटे सुरक्षा मास्क

प्रशिक्षण शिविर में 55 किसान शामिल हुए। कीटनाशक के छिड़काव के दौरान स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए हिन्दुस्तान गम एंड केमिकल्स, भिवानी की ओर से किसानों को सुरक्षा मास्क वितरित किए गए।

शिविर के आयोजन में गांव के प्रगतिशील किसान विजेंद्र सिंह का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में सीताराम, रमेश कुमार, महावीर, विक्रम, रोहताश, धर्मपाल, संदीप, तेजपाल, मोहित, सुरेंद्र सहित कई अन्य किसान मौजूद रहे।

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