गुरुग्राम। अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहने वाले नगर निगम गुरुग्राम के डीटीपी एवं नोडल अधिकारी आर.एस. बाठ पर राज्य सूचना आयोग ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई RTI के तहत मांगी गई जानकारी देने में लापरवाही बरतने पर की गई है। राज्य सूचना आयुक्त डॉ. अजय सुरा ने हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव से आर.एस. बाठ को HIPA या किसी अन्य उपयुक्त संस्थान में भेजकर ‘कर्तव्य निर्वहन और कानून’ की विशेष ट्रेनिंग दिलाने की सिफारिश भी की है।

बुलडोजर एक्शन पर कभी विरोध, कभी स्वागत
आर.एस. बाठ गुरुग्राम में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। कार्रवाई के दौरान कई जगह उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ता है। कुछ लोग उनके काम की सराहना भी करते हैं।
कई मौकों पर लोगों से उनकी बहस हुई है। वहीं कुछ जगह लोगों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका स्वागत भी किया। बाठ का कहना है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाना उनकी ड्यूटी है।
2022 में दायर हुई थी RTI
मामला 4 जनवरी 2022 को दायर RTI आवेदन से जुड़ा है। RTI कार्यकर्ता भारत जैन ने नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से अलग-अलग नियमों, नीतियों और दिशा-निर्देशों की जानकारी मांगी थी।
उन्होंने खास तौर पर वर्ष 2007 से 2016 के बीच स्वीकृत ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए आंशिक कब्जा या पजेशन सर्टिफिकेशन जारी करने से जुड़े नियमों की प्वाइंटवाइज जानकारी मांगी थी।
आयोग ने 13 जुलाई 2023 को तत्कालीन जन सूचना अधिकारी को दो सप्ताह के भीतर पूरी जानकारी देने का आदेश दिया था। इसके बावजूद विभाग की ओर से जानकारी देने में लगातार देरी होती रही।
बाठ ने कहा- जानकारी वेबसाइट पर उपलब्ध है
राज्य लोक सूचना अधिकारी के तौर पर आर.एस. बाठ ने आयोग के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिनियम, नियम, नीतियां और हरियाणा भवन संहिता विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि आवेदक को रिकॉर्ड का निरीक्षण करने का अवसर दिया गया था।
आयोग ने जिम्मेदारी से बचने का तर्क माना नहीं
राज्य सूचना आयोग ने इस तर्क को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि यदि किसी नागरिक ने विशिष्ट जानकारी मांगी है और वह लोक प्राधिकरण के पास उपलब्ध है, तो जन सूचना अधिकारी को हर बिंदु पर कानून के अनुसार स्पष्ट जवाब देना होगा।
आयोग के मुताबिक, केवल वेबसाइट या सामान्य नियमों का हवाला देकर जन सूचना अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते।
इसी मामले में आयोग ने आर.एस. बाठ पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही अतिरिक्त मुख्य सचिव को उनकी विशेष ट्रेनिंग के लिए सिफारिश भेजी गई है।
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