गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए गुरुग्राम मेट्रोपालिटन सिटी बस लिमिटेड (GMCBL) ने अपनी पहली एसी इलेक्ट्रिक बस का तीन दिवसीय परीक्षण शुरू किया है। इस पहल के साथ ही यात्रियों की सुविधा हेतु नया लूप कार्ड और गुरुगमन की सभी बसों में डिजिटल यूपीआई भुगतान प्रणाली भी लागू की गई है।
गुरुग्राम। सार्वजनिक यातायात व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से गुरुग्राम मेट्रोपालिटन सिटी बस लिमिटेड (GMCBL) ने अपनी पहली वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बस का संचालन शुरू कर दिया है। 25 सीटों वाली इस बस को अगले तीन दिनों तक विभिन्न मार्गों पर प्रायोगिक तौर पर चलाया जाएगा। परीक्षण सफल रहने के बाद इसका नियमित परिचालन आरंभ किया जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से आएंगी 100 बसें
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने इस शुरुआत को शहर के सार्वजनिक परिवहन के लिए एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि जल्द ही 24 और नई इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी।
प्रशासन की योजना आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से कुल 100 इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा सड़कों पर उतारने की है, जिससे नागरिकों को आरामदायक, सुगम और प्रदूषण रहित यात्रा का लाभ मिलेगा।
लूप कार्ड पर मिलेगी छूट
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए GMCBL ने उन्नत लूप कार्ड सेवा का भी परीक्षण स्तर पर शुभारंभ किया है। इस कार्ड को 100 रुपये देकर खरीदा जा सकता है और पूरी राशि का उपयोग किराये के रूप में किया जा सकेगा।
लूप कार्ड के माध्यम से टिकट लेने वाले यात्रियों को किराये में 2 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। इस कार्ड को ऑनलाइन भी रिचार्ज किया जा सकता है। जिन यात्रियों के पास पुराने स्मार्ट कार्ड हैं, उनका बैलेंस नए लूप कार्ड में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
लूप कार्ड मिलने के स्थान
यह कार्ड बसों में परिचालकों के पास उपलब्ध कराने के अलावा प्रमुख स्टेशनों पर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। यात्री इसे इफको चौक मेट्रो स्टेशन, मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन, डूंडाहेड़ा बस स्टॉप, हीरो होंडा चौक बस स्टॉप के साथ-साथ सेक्टर-10 और सेक्टर-52 स्थित बस डिपो से भी प्राप्त कर सकते हैं।
सभी गुरुगमन बसों में UPI सुविधा
डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए GMCBL ने सभी गुरुगमन बसों में UPI भुगतान की सुविधा शुरू कर दी है। इसके लिए बस परिचालकों को स्मार्ट पॉस (POS) मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।
यात्री बस में चढ़ने के बाद किसी भी मोबाइल ऐप के माध्यम से सीधे किराए का भुगतान कर सकते हैं। वर्तमान में लगभग 28 प्रतिशत यात्री किराया जमा करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं।


