गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने फर्जी नो-एंट्री परमिशन का उपयोग करने वाले एक कैंटर को पकड़ा है। पुलिस ने चालक और वाहन मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

सुशीला देवी, गुरुग्राम। यातायात पुलिस ने फर्जी नो-एंट्री परमिशन का इस्तेमाल करके शहर में वाहन दौड़ाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। सेक्टर-5 गोल चक्कर पर तैनात एएसआई सौरभ और उनकी टीम सघन जांच अभियान चला रही थी, तभी जांच के लिए एक कैंटर (DL-1LAD-7729) को रोका गया। इस दौरान कैंटर चालक रवि कुमार, जो झारखंड के पलामू जिले का रहने वाला है, से जब नो-एंट्री की वैध परमिशन मांगी गई, तो उसने अपने मोबाइल में एक डिजिटल परमिशन दिखाई। पुलिस ने जब इसकी आधिकारिक पुष्टि की तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया, क्योंकि विभाग ने इस वाहन के लिए कोई अनुमति जारी नहीं की थी।

फर्जी दस्तावेज से पुलिस को धोखा

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि चालक द्वारा प्रस्तुत किया गया परमिशन दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी था। पुलिस को गुमराह करने के इरादे से मोबाइल में नकली परमिशन दिखाई गई थी, जिसे पकड़ने में टीम ने तत्परता दिखाई। इस गंभीर धोखाधड़ी के खुलासे के बाद पुलिस ने तुरंत सेक्टर-5 थाने में चालक रवि कुमार और वाहन के मालिक नवीन शर्मा के खिलाफ अभियोग दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई स्पष्ट करती है कि शहर की यातायात व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले लोगों के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस पूरी तरह सख्त है और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सख्त नियमों का पालन अनिवार्य

पुलिस विभाग ने सभी वाहन चालकों और मालिकों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे किसी भी प्रकार के फर्जी या जाली दस्तावेजों का सहारा न लें। पुलिस ने कहा कि नो-एंट्री नियमों का पालन सुनिश्चित करना कानूनन जरूरी है और यदि कोई नियमों को दरकिनार कर गलत रास्ता अपनाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गुरुग्राम यातायात पुलिस निरंतर ऐसे अभियानों के जरिए अवैध रूप से चल रहे वाहनों पर नकेल कस रही है। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक की तरह अपनी भूमिका निभाएं ताकि शहर में जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति पर नियंत्रण बना रहे।