गुरुग्राम पुलिस ने टेलीग्राम ग्रुप के जरिए निवेश के नाम पर 16.13 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को राजस्थान के कोटा से दबोचा है।
सुशीला देवी, गुरुग्राम। निवेश के नाम पर करीब 16.13 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी के मामले में गुरुग्राम पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। साइबर अपराध पूर्व थाना पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो मुख्य आरोपियों को राजस्थान के कोटा शहर से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की पहचान 27 वर्षीय दीपक मेघवाल और 22 वर्षीय रामदेव के रूप में की गई है। पुलिस ने इन दोनों शातिर अपराधियों को मजबूत तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल इनपुट के आधार पर दबोचा है, जो इस कार्रवाई के बाद पुलिस की गिरफ्त में आए हैं।
टेलीग्राम ग्रुप द्वारा निवेश की धोखाधड़ी
पुलिस के अनुसार, 8 मार्च 2026 को एक पीड़ित महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे एक अज्ञात टेलीग्राम ग्रुप में जबरन जोड़ा गया था। इसके बाद उसे घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने और सुरक्षित निवेश करने का झांसा दिया गया। ठगों ने झांसे में लेकर महिला से करीब 16.13 लाख रुपये की मोटी रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर करवाकर ठगी कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर अपराध पूर्व थाना पुलिस ने तत्काल गहन जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 25 जून को दोनों आरोपियों को कोटा से सफलतापूर्वक दबोच लिया था।
कमीशन के लालच में बेचे खाते
पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ कि ठगी की कुल रकम में से 5.65 लाख रुपये दीपक मेघवाल के बैंक खाते में आए थे। दीपक ने अपना यह सक्रिय खाता रामदेव को उपलब्ध कराया था, जबकि रामदेव ने इसे आगे एक अन्य मुख्य साइबर ठग को सौंप दिया था। इन दोनों ने यह बैंक खाता मात्र 5-5 हजार रुपये नकद और ठगी की पूरी रकम पर 2 प्रतिशत कमीशन मिलने के लालच में बेचा था। गुरुग्राम पुलिस अब इन दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर इस बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में काफी सरगर्मी से जुटी है और मामले की जांच लगातार जारी है।

