गुरुग्राम और सोहना-तावडू क्षेत्र के किन्नर समाज में आपसी गुटबाजी और विवाद खुलकर सामने आ गया है। पुलिस जांच में हाजी काजल के आरोप झूठे पाए जाने के बाद दूसरे पक्ष ने उन पर धर्म परिवर्तन कराने के गंभीर आरोप मढ़े हैं।

सुशीला देवी, गुरुग्राम। किन्नर समाज में चल रहा आपसी मनमुटाव अब पूरी तरह खुलकर सामने आ गया है। गुरुग्राम की रहने वाली हाजी काजल किन्नर द्वारा तावडू-सोहना शहर की चुंगी पर रहने वाली सीमा सोनिया सहित अन्य किन्नरों के खिलाफ स्थानीय पुलिस को एक लिखित शिकायत दी गई थी। इस शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया था कि संबंधित किन्नर इलाके में अवैध तरीके से मकान बनाकर रह रहे हैं, लोगों से अवैध वसूली करते हैं और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में भी लिप्त हैं। इस शिकायत के आधार पर सोहना पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सघन जांच की, लेकिन पुलिस को वहां कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली।

पुलिस जांच में बेअसर निकले सभी आरोप

सोहना पुलिस की प्राथमिक जांच के दौरान मौके पर न तो कोई नशीला पदार्थ बरामद हुआ और न ही शिकायत में बताए गए अवैध निर्माण के दावों की कोई पुष्टि हो सकी। पुलिस की इस अधिकारिक जांच में हाजी काजल द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह अप्रमाणित और बेअसर पाए गए। इस पूरे मामले पर सोहना-तावडू क्षेत्र की किन्नर प्रतिनिधि लक्ष्मी यादव उर्फ गरिमा पांचाली ने हाजी काजल के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेहद निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि यह कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर उनके पूरे समाज को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है।

धर्म परिवर्तन के दबाव का लगा बड़ा आरोप

लक्ष्मी यादव ने जवाबी हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनके समाज के सीधे-साधे लोगों पर जबरन धर्म परिवर्तन करने के लिए मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को सचेत करते हुए कहा कि यदि सोहना-तावडू क्षेत्र के किसी भी किन्नर के साथ भविष्य में कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी सीधी जिम्मेदारी गुरुग्राम की हाजी काजल किन्नर की होगी। लक्ष्मी यादव ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि झूठी शिकायत देकर समाज की छवि खराब करने वालों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कार्रवाई में जुटी है।