कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। देश भर में सड़कों पर कितने ई-रिक्शा चलेंगे?, किस रूट पर चलेंगे? और उनका परमिट कैसे मिलेगा? अब इसके लिए राष्ट्रीय स्तर पर पॉलिसी बनेगी,मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने केंद्र सरकार को 60 दिन में राष्ट्रीय नीति बनाने के निर्देश दिए हैं,जिसके बाद सभी राज्यों को यह नीति भेजी जाएगी।
वीओ-दरअसल ई-रिक्शा के बढ़ते संचालन और यातायात व्यवस्था को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच का यह बड़ा फैसला सामने आया है,हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को 60 दिन के भीतर ई-रिक्शा संचालन के लिए राष्ट्रीय पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए हैं।राष्ट्रीय नीति बनने के बाद इसे सभी राज्यों को भेजा जाएगा।मध्यप्रदेश अपनी स्थानीय भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या के हिसाब से इसमें बदलाव भी कर सकेगा।
ई-रिक्शा पॉलिसी में क्या होगा ?
- शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा की संख्या नियंत्रित होगी
- ई-रिक्शा के लिए जोन और रूट तय होंगे
- रूट परमिट जारी करने की व्यवस्था होगी
पॉलिसी का मकसद एक ही रूट पर ई-रिक्शा की भीड़ रोकना और यातायात का दबाव अलग-अलग मार्गों पर बांटना है,याचिका में कहा गया था कि करीब 10 साल से ई-रिक्शा का संचालन हो रहा है,लेकिन स्पष्ट नियम नहीं होने से शहरों में जाम और अव्यवस्था की स्थिति बन रही है,जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह की डिवीजन बेंच ने निशा गुर्जर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए है,अब केंद्र सरकार को 60 दिन में राष्ट्रीय नीति तैयार करनी होगी,वहीं आदेश जारी होने के 120 दिन के भीतर व्यापक पॉलिसी अस्तित्व में आने की बात कही गई है,यानि अब ई-रिक्शा की संख्या से लेकर रूट और परमिट तक,देशभर में एक तय नीति के तहत व्यवस्था बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
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