कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। ग्वालियर की बदहाल सड़कों की गुणवत्ता अब जांच के दायरे में है। हाईकोर्ट के निर्देश पर आज गुढ़ा-गुड़ी का नाका और बेटी बचाओ चौराहा के पास सड़कों से सैंपल लिए गए। सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और गुणवत्ता की वास्तविक स्थिति जानने के लिए वकीलों के कमीशन और तकनीकी टीम ने यह सैंपलिंग की। अब सभी की नजर इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट और उसके बाद हाईकोर्ट के रुख पर रहेगी।
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ग्वालियर हाईकोर्ट में खराब सड़को को लेकर जनहित याचिका पर सुनवाई जारी है,इसी कड़ी में हाईकोर्ट के निर्देश पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदारी तय करने के लिए सैंपलिंग को अहम आधार माना है। एक सड़क से चार-चार सैंपल लिए जा रहे है।जिनमे एक सैम्पल जिला न्यायालय मालखाना,दूसरा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना प्रयोगशाला, तीसरा लोक निर्माण विभाग प्रयोगशाला और चौथा सैम्पल निगम कमिश्नर के पास रहेगा। भविष्य में क्रॉस चेक के लिए किसी प्रतिष्ठित लैब से भी जांच कराई जा सकती है। सैंपलिंग के दौरान मौके पर ही सैंपलों की सीलिंग की गई, ताकि जांच की प्रक्रिया पारदर्शी रहे।इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान प्राइवेट लैब पर दबाव बनाने की बात सामने आने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई थी। यही वजह है कि हाईकोर्ट का कहना है कि सैंपलिंग से सड़क निर्माण की वास्तविक गुणवत्ता सामने आएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय करने का रास्ता साफ होगा।
ग्वालियर की धंसती और बदहाल सड़कों की खबरें NEWS24 प्रमुखता से उठता रहा है, इसके बाद शहर के सीनियर एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर ने हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में जनहित याचिका दायर की। लगातार सुनवाई के बाद अब हाईकोर्ट के निर्देश पर सड़कों की गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपलिंग शुरू हुई है।हाल ही सड़को का पूरा ब्यौरा हाइकोर्ट में पेश हुआ था
* 129 सड़कों की वास्तविक स्थिति का लेखा-जोखा कोर्ट में पेश
* नगर निगम की 140.58 किलोमीटर सड़कों का सामने आया हाल
* 62 सड़कें पूरी तरह चालू
* 34 सड़कें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त
* 24 सड़कें पूरी तरह बदहाल
* 9 सड़कों पर काम प्रगतिरत या प्रस्तावित
* 28.06 किलोमीटर सड़कें पूरी तरह खराब
* अन्य विभागों की 64 मुख्य सड़कों का भी ब्यौरा
* अन्य एजेंसियों की 15 सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त
अब सैंपलिंग के बाद आने वाली जांच रिपोर्ट सबसे अहम होगी। रिपोर्ट से यह पता चलेगा कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता के मानकों का कितना पालन हुआ और बदहाली की असली वजह क्या है। रिपोर्ट के आधार पर हाईकोर्ट आगे क्या रुख अपनाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी। मामले में अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी।
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