कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश में सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फासला कितना खौफनाक हो सकता है इसकी एक जीती-जागती और शर्मनाक तस्वीर ग्वालियर से सामने आई है। जिला अस्पताल मुरार के अधीन संचालित महिला प्रसूति गृह इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के नाम पर एक बड़ा धब्बा बन चुकी है। जिस जगह पर नई जिंदगी इस दुनिया में पहला कदम रखती है, जहां किलकारियां गूंजनी चाहिए वहां चारों तरफ बदबूदार गंदा पानी और गंदगी फैली हुई है। प्रसूति गृह की ये खौफनाक तस्वीरें न सिर्फ मरीजों और उनके परिजनों की रूह कंपा रही हैं बल्कि पूरे स्वास्थ्य महकमे की संवेदनशीलता को भी कटघरे में खड़ा कर रही हैं। हालांकि मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने समाधान का आश्वासन दिया है।
ये भी पढ़ें: जिसे समझा ‘महाघोटाला’ वो निकली 490 बोरी की गड़बड़ी! चावल गबन के दावों पर FCI का फुल स्टॉप, SIT जांच जारी!
नाले या सीवर की नहीं… अस्पताल के अंदर की हैं ये खौफनाक तस्वीरें!
दरअसल ये तस्वीरें किसी नाले या सीवर की नहीं हैं बल्कि ग्वालियर के जिला अस्पताल मुरार के अधीन संचालित महिला प्रसूति गृह की हैं। जिस अस्पताल में हर दिन कई मासूम इस दुनिया में पहला कदम रखते हैं, वहीं परिसर में फैला गंदा और बदबूदार पानी पूरी व्यवस्था की हकीकत बयां कर रहा है।
नवजातों और गर्भवती महिलाओं की जान आफत में… बारिश ने बढ़ाई आफत
यह जमा गंदा पानी न सिर्फ मरीजों और उनके परिजनों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है, बल्कि संक्रमण का खतरा भी बढ़ा रहा है। सबसे ज्यादा चिंता गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद संवेदनशील होती है, बारिश के मौसम में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
गंदगी और जलभराव मच्छरों और बैक्टीरिया के पनपने की वजह बन सकते हैं, जिससे अस्पताल आने वाले मरीजों की सेहत पर खतरा बढ़ जाता है। सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि जब इलाज देने वाला अस्पताल ही साफसफाई के बुनियादी मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा हो तो मरीजों की स्वास्थ्य सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
CMHO ने सिविल सर्जन से की बात… क्या सिर्फ कागजों में बदलेगी तस्वीर?
मामले की जानकारी सामने आने के बाद सीएमएचओ ने सिविल सर्जन से चर्चा कर समस्या के स्थायी समाधान की बात कही है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह आश्वासन सिर्फ फाइलों तक सीमित रहेगा या फिर महिला प्रसूति गृह की यह बदहाल तस्वीर वास्तव में बदलती हुई नजर आएगी।
ये भी पढ़ें:
बारिश के मौसम में अस्पतालों में स्वच्छता और जल निकासी की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में जिला अस्पताल मुरार के महिला प्रसूति गृह की यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

