शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म (गणवेश) वितरण में हो रही देरी को लेकर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। सिंघार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर ट्वीट कर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीब परिवारों की जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई को मजाक बना दिया है और अब बच्चों की यूनिफॉर्म को भी मुनाफे का जरिया बनाया जा रहा है।
निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप
उमंग सिंघार ने सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो काम पहले महिला स्व-सहायता समूहों (Self-Help Groups) द्वारा किया जाता था, उसे अब निजी कंपनियों को ठेके पर सौंप दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, “एक तरफ ‘नारी वंदन’ का ढोल पीटा जाता है, तो दूसरी तरफ महिलाओं के रोजगार छीनकर बड़े ठेकेदारों और निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।”
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‘शिक्षा, रोजगार और अवसर सब गिरवी’
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार पर हर क्षेत्र का निजीकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सब कुछ निजी हाथों में सौंपने का अभियान चला रखा है। शिक्षा, रोजगार और अवसर, सब कुछ गिरवी रखा जा रहा है। साफ है कि यह सरकार जनता के लिए नहीं, बल्कि निजी कंपनियों और बड़े उद्योगपतियों के हितों की ‘चौकीदारी’ कर रही है।
गरीब बच्चे करें इंतजार, ठेकेदारों का फायदा न रुके
सिंघार ने सरकार की प्राथमिकताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि आधा शैक्षणिक सत्र बीतने के बाद बच्चों को यूनिफॉर्म मिलने की बात कही जा रही है। ऐसे में गरीब बच्चे इंतजार करने को मजबूर हैं और महिलाएं बेरोजगार हो रही हैं, लेकिन सरकार के लिए ठेकेदारों का मुनाफा रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए एक नया नारा दिया और लिखा कि बीजेपी का असली मंत्र है- “जनता पर अत्याचार, उद्योगपति-ठेकेदार पर उपकार।” नेता प्रतिपक्ष के इस बयान के बाद प्रदेश में स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म के मुद्दे पर सियासत गरमाने के आसार हैं।

