हांसी के नागरिक अस्पताल में हफ्ते में सिर्फ एक दिन अल्ट्रासाउंड होने और भीषण गर्मी में लंबी लाइनों के कारण मरीजों, खासकर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर में खुले में पड़े बायो-मेडिकल वेस्ट से संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है, जिस पर प्रशासन जल्द सुधार का दावा कर रहा है।

नवीन शर्मा,हांसी। हरियाणा सरकार द्वारा हांसी को नया जिला घोषित किए जाने के बावजूद यहां के नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं पुराने ढर्रे पर ही चल रही हैं। इस भीषण गर्मी में, जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, अस्पताल की बदहाल व्यवस्था के कारण मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में सबसे बड़ी समस्या अल्ट्रासाउंड सेवा को लेकर है, जो सप्ताह में केवल एक दिन (मंगलवार) उपलब्ध होती है। इसके चलते दूर-दराज से आने वाले मरीजों, विशेषकर गर्भवती महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को इलाज और जांच के लिए घंटों लंबी लाइनों में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।

सुविधाओं की कमी और बायो-मेडिकल वेस्ट का खतरा

अस्पताल में भारी भीड़ होने के कारण हर हफ्ते कई मरीजों का नंबर ही नहीं आ पाता और उन्हें बिना जांच कराए ही वापस लौटना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर, ढाणी पिरान वाली से अपनी गर्भवती पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचे ईश्वर ने बताया कि वे पिछले मंगलवार को भी बिना जांच के लौट गए थे और इस बार भी सुबह से लाइन में खड़े हैं। इसी तरह राजपुरा गांव की बुजुर्ग मरीज रामरती ने बताया कि इतनी तेज गर्मी में घंटों लाइन में खड़े रहना उनके लिए बेहद मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में खुले में पड़ा बायो-मेडिकल वेस्ट (चिकित्सीय कचरा) स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है।

प्रशासन का रुख और विधायक का आश्वासन

इन तमाम व्यवस्थाओं और मरीजों की परेशानी को लेकर जब अस्पताल के सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) राहुल बुद्धिराजा से सवाल किया गया, तो उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि मीडिया से बातचीत करना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है। दूसरी ओर, हांसी के बीजेपी विधायक विनोद भयाना ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा है कि जिला बनने के बाद प्रशासनिक प्रक्रियाओं और नई नियुक्तियों में थोड़ा समय लगता है। उन्होंने जल्द ही अस्पताल की सभी समस्याओं का समाधान कराने और सभी आवश्यक अधिकारियों की स्थाई नियुक्ति कराने का भरोसा दिया है। सरकार ने हाल ही में यहां 100 बेड के नए अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दी है, जिससे आने वाले समय में स्थिति सुधरने की उम्मीद है।