हांसी: सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती के बाद निवेश में बड़ा मुनाफा कमाने का झांसा देकर हांसी के एक व्यक्ति से 18.50 लाख रुपये की साइबर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। साइबर थाना हांसी की टीम ने मामले में कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के रायगढ़ से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अशोक देवदिगा के तौर पर हुई है। पुलिस ने उसके पास से 1.10 लाख रुपये भी बरामद किए हैं।

पुलिस के मुताबिक, इस मामले की शुरुआत मई 2025 में फेसबुक के जरिए हुई जान-पहचान से हुई थी। फेसबुक पर संपर्क होने के बाद शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष के बीच WhatsApp पर बातचीत होने लगी। इसी दौरान उसे निवेश के जरिए अच्छी कमाई का भरोसा दिलाया गया।

USDT और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर फंसाया

बातचीत आगे बढ़ने पर शिकायतकर्ता को USDT और शेयर ट्रेडिंग में पैसा लगाने की सलाह दी गई। उसे बताया गया कि इस तरह निवेश करने पर उसे अच्छा मुनाफा हो सकता है। इसके बाद ऑनलाइन ट्रेडिंग अकाउंट तैयार करवाया गया और निवेश के लिए अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी देकर उनमें रकम भेजने को कहा गया।

शिकायतकर्ता आरोपियों के झांसे में आता चला गया। जून से अगस्त 2025 के बीच उसने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 18 लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।

रकम लगाने के बाद सामने आई असलियत

पैसा जमा करने के बाद जब शिकायतकर्ता को निवेश से संबंधित गतिविधियों और कथित मुनाफे को लेकर संदेह हुआ, तब उसे अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। इसके बाद उसने साइबर क्राइम की शिकायत NCRP पोर्टल पर दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना हांसी में केस दर्ज कर पुलिस ने पैसों के लेनदेन और आरोपियों से जुड़े बैंक खातों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को महाराष्ट्र के रायगढ़ निवासी अशोक देवदिगा के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश

सहायक उप निरीक्षक रामबिलास के अनुसार, आरोपी से पूछताछ चल रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन लोगों तक पहुंची और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

जांच के दौरान सामने आए बैंक खातों और लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ के बाद साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों और इस नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।