करनाल। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक ज्वेलरी शोरूम में कथित तौर पर पानी की बोतल में तेजाब मिलने की घटना के बाद करनाल में भी पेयजल सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पानी विभाग) ने एहतियात के तौर पर कोई विशेष अलर्ट जारी किया है और जलापूर्ति व्यवस्था की निगरानी बढ़ाई गई है।

फिलहाल करनाल में इस मामले को लेकर किसी विशेष अलर्ट या एडवाइजरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, हापुड़ की घटना की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं के बाद पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच, पानी के सैंपल लेने की प्रक्रिया और जल स्रोतों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाना चाहिए। जलाशयों, ट्यूबवेलों और पाइपलाइन नेटवर्क की समय-समय पर निगरानी किसी भी संभावित खतरे को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इधर, करनाल के नागरिकों की मांग है कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग लोगों को भरोसा दिलाने के लिए जल गुणवत्ता जांच की स्थिति सार्वजनिक करे और यदि आवश्यक हो तो एहतियाती एडवाइजरी भी जारी करे।

हालांकि, अभी तक करनाल प्रशासन या जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान या विशेष निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। ऐसे में फिलहाल किसी भी तरह के अलर्ट की पुष्टि नहीं की जा सकती। यदि विभाग की ओर से कोई नई जानकारी जारी होती है, तो उसके आधार पर स्थिति स्पष्ट होगी।