चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने क्रिकेटर और राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह की सुरक्षा से जुड़े मामले को लेकर कर एक बार फिर से ताजा अपडेट सामने आया है, जिसमे पंजाब सरकार पर अदालत से फिर से नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रही.

पिछली सुनवाई में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि अगली तारीख तक हर हाल में जवाब दाखिल किया बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा गया. इस पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब अदालत पहले ही स्पष्ट आदेश दे चुकी थी, तब आज फिर समय मांगने का क्या औचित्य है.

गंभीरता की है कमी

अदालत ने कि यह रवैया मामले के प्रति गंभीरता की कमी दर्शाता है. सुनवाई के दौरान पंजाब के एडवोकेट जनरल ने अदालत से कुछ और समय देने की मांग की.इसके बाद फिर ये लापरवाही ठीक नहीं. हालांकि अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए सरकार को अंतिम अवसर प्रदान किया. हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि मामले में विस्तृत जवाब अगले बुधवार तक हर हाल में दाखिल किया जाए.

हरभजन ने दिया यह तर्क

आपको बता दें कि हरभजन सिंह ने अपनी याचिका में दावा किया कि उनकी सुरक्षा बिना किसी नए खतरा आकलन, नोटिस या सुनवाई के अचानक वापस ली गई. उन्हें लगातार खतरा बना हुआ है.
उन्होंने कहा कि वह 10 अप्रैल 2022 को आम आदमी पार्टी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे थे और जालंधर में परिवार सहित रह रहे हैं. याचिका में यह भी कहा गया कि पार्टी छोड़ने की सार्वजनिक घोषणा के तुरंत बाद उनकी सुरक्षा हटाई गई.

आपको बता दें कि चर्चा है कि हरभजन के आम आदमी पार्टी छोड़ जाने के बाद यह सुरक्षा हटाना अनैतिक है. हरभजन के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी के कार्यकर्ताओं ने उनके घर के पास जोरदार प्रदर्शन किया और घरों की दीवारों में अभद्र टिप्पणी लिखिए ऐसी स्थिति में उनकी सिक्योरिटी हटाना एक बड़ी समस्या को निमंत्रण देने जैसा है.