कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसी सुपवा) में सोमवार को दूसरा दीक्षांत समारोह भव्य अंदाज में आयोजित हुआ, जहां हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष की अध्यक्षता में 760 विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह में फर्स्ट लेडी श्रीमती मित्रा घोष, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और सीएम के ओएसडी डॉ. राज नेहरू की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय को वैश्विक कला संस्थानों के साथ साझेदारी बढ़ाने का आह्वान किया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सक्रिय भागीदारी से हरियाणा विश्व की कलात्मक विरासत में मजबूत पहचान बना सकता है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान केवल डिग्री देने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदर्शन व दृश्य कला, फैशन डिजाइन, फिल्म-टेलीविजन और वास्तुकला जैसे क्षेत्रों में रचनात्मक नेतृत्वकर्ताओं को तैयार कर रहा है।
उन्होंने हरियाणवी लोक परंपराओं, संगीत, रंगमंच और नृत्य की बढ़ती लोकप्रियता को “सांस्कृतिक पुनर्जागरण” बताते हुए कहा कि इनोवेशन के साथ जड़ों से जुड़े रहना समय की जरूरत है। रवींद्रनाथ टैगोर के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे ज्ञान के साथ जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को भी अपनाएं।
शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि यह विश्वविद्यालय राज्य की कला, संस्कृति और रचनात्मकता का केंद्र है। उन्होंने छात्रों से रोजगार खोजने के बजाय जॉब प्रोवाइडर बनने का आह्वान करते हुए कहा कि डिग्री केवल कागज नहीं, बल्कि समाज की अपेक्षाओं और विकसित भारत के सपने की जिम्मेदारी है। उन्होंने तकनीक और एआई के दौर में मानवीय मूल्यों को बनाए रखने पर भी जोर दिया।
विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने इसे विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए कहा कि यह केवल शैक्षणिक यात्रा का अंत नहीं, बल्कि नए अवसरों की शुरुआत है। उन्होंने संस्थान के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि सुपवा छात्रों के समग्र विकास पर काम कर रहा है, ताकि वे जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बन सकें।
समारोह में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम को उत्सव के रूप में मनाया गया, जहां विद्यार्थियों के चेहरे पर उपलब्धि और नए सफर की खुशी साफ झलक रही थी।

