हरियाणा ACB ने परिवहन विभाग के ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली मामले में 4 साल से फरार आरोपी संदीप उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया है। आरोपी विदेश से भारत लौटते ही एसीबी के हत्थे चढ़ गया।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), हरियाणा ने परिवहन विभाग में कथित भ्रष्टाचार और ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली के चर्चित मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी संदीप उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी करीब चार वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश में रह रहा था। भारत लौटते ही एसीबी ने उसे दबोच लिया और अब पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

मामले में 08 अक्टूबर 2022 को शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप था कि परिवहन विभाग के कुछ अधिकारी, कर्मचारी और कथित दलाल ओवरलोड वाहनों को बिना चालान निकलवाने के बदले ट्रांसपोर्टरों से मासिक रिश्वत वसूलते थे। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रैप कार्रवाई कर आरोपी अंकित गर्ग को 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

जांच में सामने आया कि कथित तौर पर एक संगठित नेटवर्क हरियाणा समेत अन्य राज्यों के वाहनों से अवैध वसूली कर रहा था और बदले में ओवरलोड वाहनों को बिना कार्रवाई गुजरने दिया जाता था। जांच के दौरान अंकित गर्ग, नीरज गुलाटी, मानिक उर्फ लवली, संदीप उर्फ सोनू, सुनील कुमार, सुभाष चंद्र, एचसीएस अधिकारी रमित यादव, निरीक्षक जसमेर, उप निरीक्षक दर्शन सिंह और ड्राइवर रणजीत सिंह समेत कई लोगों की संलिप्तता सामने आई थी। जांच एजेंसी ने आरोपियों के कब्जे और नियंत्रण से लगभग 85.15 लाख रुपये की कथित रिश्वत राशि भी बरामद की थी।

एसीबी के अनुसार, संदीप पर आरोप है कि उसने आरटीए विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता से ओवरलोड वाहनों को चालान से बचाने के एवज में 50 हजार रुपये प्रतिमाह रिश्वत मांगी थी और 20 हजार रुपये ऑनलाइन प्राप्त किए थे। मामले में नाम सामने आने के बाद वह विदेश चला गया था, जिसके चलते उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। अब गिरफ्तारी के बाद आरोपी को यमुनानगर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। एसीबी रिमांड के दौरान अवैध वसूली नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और अन्य संभावित आरोपियों को लेकर पूछताछ कर रही है।