चतरा। झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह पानी से भरे गड्ढे में डूबने से एक 52 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
हंटरगंज थाना क्षेत्र के तरवागाड़ा पंचायत अंतर्गत राहरबार नहर के समीप पानी से भरे गड्ढे में डूबने से रामपतिया देवी (52) की मौत हो गई। मृतका राहरबार गांव निवासी स्वर्गीय विदेशी दास की पत्नी थीं। घटना सोमवार सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है।
परिजनों के अनुसार, रामपतिया देवी वर्षों से गांव में प्रसव कराने का कार्य करती थीं। सोमवार सुबह वह शंभू भुइयां के घर प्रसव कराने गई थीं। प्रसव कराने के बाद वह नहर किनारे स्थित पानी से भरे गड्ढे के पास कपड़े धोने पहुंचीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वहां से गुजर रहे एक ट्रक चालक ने उन्हें डूबते देखा और बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों और परिजनों का आरोप है कि गोलाई नहर से सुग्गी गांव तक चल रहे निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार ने मिट्टी निकालने के लिए कई गहरे गड्ढे खोदे थे, जिन्हें बाद में नहीं भरा गया। बारिश का पानी भरने से ये गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं।
ग्रामीणों ने मृतका के आश्रितों को उचित मुआवजा देने और ऐसे सभी खतरनाक गड्ढों को तत्काल भरवाने की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलने पर हंटरगंज थाना के एसआई अनुज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, चतरा भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
बताया जाता है कि रामपतिया देवी के पति का तीन वर्ष पहले निधन हो चुका था। इसके बाद वह प्रसव कराने का कार्य कर अपने चार पुत्रों और तीन पुत्रियों का पालन-पोषण कर रही थीं। उनकी आकस्मिक मृत्यु से परिवार गहरे सदमे में है।
घटना की सूचना पर मुखिया प्रतिनिधि दिलीप दास भी मौके पर पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।


