हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने 140 रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार की है। ब्यूरो प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला की अध्यक्षता में हुई बैठक में भ्रष्ट कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अब बड़े अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। ब्यूरो ने प्रदेश में ऐसे 140 अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान की है, जिनके खिलाफ लगातार रिश्वत लेने और बिना घूस सरकारी काम नहीं करने की शिकायतें मिल रही हैं। अब इन अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

बुधवार को पंचकूला स्थित ACB मुख्यालय में प्रदेश की सभी रेंज के पुलिस अधीक्षकों और अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता ब्यूरो प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला ने की।

‘किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं बनाई सूची’

चावला ने कहा कि 140 अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि आम जनता को भ्रष्टाचार से राहत दिलाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। उन्होंने सभी रेंज के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि उनके पास रिश्वतखोरी में लिप्त किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी के संबंध में विश्वसनीय जानकारी है तो उसकी सूचना एक सप्ताह के भीतर मुख्यालय को भेजी जाए।

सिर्फ ट्रैप नहीं, दोषियों को सजा दिलाना भी लक्ष्य

ACB प्रमुख ने कहा कि ब्यूरो का उद्देश्य केवल रिश्वत लेते हुए आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ना नहीं है, बल्कि सरकारी व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करना भी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में शिकायतकर्ता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए शिकायतकर्ता की सुरक्षा, गोपनीयता और सम्मान सुनिश्चित करना ACB की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अधिकारियों से कहा गया कि वे शिकायतकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और ट्रैप कार्रवाई से लेकर अदालत में दोषियों को सजा दिलाने तक हर स्तर पर उनका सहयोग करें।

जनवरी 2022 से जून 2026 तक 92 ट्रैप और रेड

समीक्षा बैठक में बताया गया कि जनवरी 2022 से जून 2026 के बीच ACB ने 92 ट्रैप और रेड की कार्रवाई की। इस दौरान कई भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी ट्रैप ऑपरेशन की सफलता केवल आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने तक सीमित नहीं है। अदालत में मजबूत पैरवी कर आरोपी को सजा दिलाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

2 लाख या अधिक की रिश्वत पकड़ने पर मिलेगा ‘क्लास-1 सर्टिफिकेट’

भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों का मनोबल बढ़ाने के लिए ब्यूरो प्रमुख ने नई प्रोत्साहन योजना की घोषणा की। इसके तहत 2 लाख रुपये या उससे अधिक की रिश्वत लेते हुए आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार करने वाले अधिकारी को ‘क्लास-1 सर्टिफिकेट’ देकर सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य में भी सम्मानित किया जाएगा। बैठक के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ उल्लेखनीय कार्य करने वाले कई अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वर्ण और रजत पदक देकर सम्मानित किया गया।

ACB का संदेश साफ है- भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों पर अब कार्रवाई तेज होगी और रिश्वतखोरी के खिलाफ शिकायत करने वालों का भरोसा मजबूत किया जाएगा।