हरियाणा सरकार द्वारा घोषित आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) का गठन वित्त विभाग की आपत्तियों के कारण टल सकता है। विभाग ने पड़ोसी राज्यों के बजट और एटीएस मॉडल पर जवाब मांगा है।
चंडीगढ़। हरियाणा में आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) के गठन की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में जाती नजर आ रही है। गृह विभाग द्वारा भेजे गए एटीएस गठन के प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं, जिससे इस विशेष यूनिट की स्थापना में देरी होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के दौरान एटीएस के गठन के लिए 35 करोड़ रुपये के प्रावधान की घोषणा की थी, लेकिन अब वित्त विभाग ने इस योजना के कार्यान्वयन के लिए अन्य राज्यों के बजट और परिचालन मॉडल की विस्तृत रिपोर्ट मांग ली है।
पड़ोसी राज्यों के मॉडल और बजट पर जवाब-तलब
वित्त विभाग द्वारा उठाई गई आपत्तियों के बाद डीजीपी हरियाणा कार्यालय ने विस्तृत जवाब भेजा है। विभाग ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में एटीएस के स्वीकृत पदों, कर्मचारियों की भूमिका, उनकी योग्यता और हथियारों पर होने वाले खर्च का ब्योरा मांगा था। जवाब में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश एटीएस में 654 पद स्वीकृत हैं। साथ ही, केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सुझाए गए मॉडल स्ट्रक्चर का हवाला देते हुए राज्य में आतंकवाद से निपटने के लिए एक समर्पित इकाई की अनिवार्यता पर जोर दिया गया है।
संसाधनों की कमी और सुरक्षा की चुनौतियां
हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पिछले दो वर्षों में राज्य में आतंक से जुड़े 27 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से तीन मामलों को संसाधनों की कमी के कारण एनआईए (NIA) को सौंपना पड़ा। प्रस्तावित एटीएस का नेतृत्व आईजीपी स्तर के अधिकारी करेंगे, जिनके साथ 575 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम होगी। इसमें रणनीतिक ड्राइविंग प्रैक्टिस, इनडोर-आउटडोर फायरिंग रेंज और हाईटेक ट्रेनिंग एरिया जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। अब यह प्रस्ताव दोबारा वित्त विभाग के पास समीक्षा के लिए भेजा जाएगा, जिसकी मंजूरी के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव होगी।
भर्ती प्रक्रिया और विशेष भत्ते का प्रावधान
प्रस्तावित एटीएस में शामिल होने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन भत्ते की भी सिफारिश की गई है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की तर्ज पर हरियाणा में भी एटीएस स्टाफ को उनकी बेसिक पे का 30 प्रतिशत ‘रिस्क अलाउंस’ देने का विचार है। भर्ती के नियमों के तहत, कांस्टेबल के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं और सब-इंस्पेक्टर के लिए स्नातक तय की गई है, जिनमें से 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाने का सुझाव है। एटीएस को सुचारू रूप से चलाने के लिए आवश्यक कार्यालय, परिवहन और आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ वरिष्ठ वैज्ञानिकों और विधि अधिकारियों की नियुक्ति भी इस योजना का हिस्सा है।

