धनेश विद्यार्थी,रेवाड़ी | हरियाणा अनुसूचित जाति अध्यापक संघ (हजरस) द्वारा रेवाड़ी की जाट धर्मशाला में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह में शिक्षा जगत की उत्कृष्ट प्रतिभाओं का भव्य सम्मान किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की कक्षा 12वीं और 10वीं की प्रदेश टॉपर छात्राओं को ₹1 लाख 1 हजार की प्रोत्साहन राशि के चेक देकर सम्मानित किया गया।

कक्षा 12वीं में प्रदेशभर में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली रेवाड़ी जिले के गांव जाट सायरवास की दीपिका मेघवाल तथा कक्षा 10वीं की प्रदेश टॉपर भिवानी जिले के गांव खेड़ा की दीपिका को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विभिन्न कक्षाओं में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मान और प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रेवाड़ी के उपायुक्त अभिषेक मीणा मौजूद रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता हजरस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश निम्बड़िया ने की। इस दौरान कई सामाजिक संस्थाओं ने भी मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया। वहीं हिसार के उपायुक्त की ओर से भी दोनों टॉपर छात्राओं को प्रोत्साहन राशि भिजवाई गई।

शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम : डीसी

उपायुक्त अभिषेक मीणा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने कहा कि इन बेटियों की उपलब्धि पूरे प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

लगन और संकल्प से हर मंजिल संभव : डॉ. लक्ष्मीनारायण

फिरोजपुर झिरका के एसडीएम डॉ. लक्ष्मीनारायण ने कहा कि यदि व्यक्ति के भीतर कुछ बेहतर करने का जुनून और दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रहता। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।

अंकों की नहीं, प्रतिभा और रुचि की दौड़ में आगे बढ़ें विद्यार्थी : संजीव कुमार

बावल के एसडीएम संजीव कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल अधिक अंक प्राप्त करने की प्रतिस्पर्धा में नहीं उलझना चाहिए, बल्कि अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप करियर चुनना चाहिए। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाने की अपील की।

बच्चों की सफलता ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा : डॉ. दिनेश निम्बड़िया

हजरस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश निम्बड़िया ने कहा कि शिक्षा समाज के उत्थान का सबसे सशक्त माध्यम है। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने का उद्देश्य अन्य बच्चों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि जब तक बच्चे सफलता की नई ऊंचाइयां हासिल करते रहेंगे, ऐसे सम्मान समारोह आयोजित होते रहेंगे।

शिक्षाविदों और अधिकारियों ने रखे विचार

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी प्रदीप दहिया, डीपीसी संतोष तंवर, डीईईओ अरविंद कुमार, पूर्व डीईओ लालचंद, नसीब सिंह, धर्मवीर बल्डोदिया सहित शिक्षा विभाग के अनेक अधिकारियों और सेवानिवृत्त शिक्षाविदों ने भी विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया। सभी वक्ताओं ने शिक्षा को सामाजिक बदलाव और सशक्तिकरण का आधार बताया।

प्रदेशभर से जुटे शिक्षक और सामाजिक प्रतिनिधि

समारोह में हजरस के संस्थापक नरेश कुमार, महासचिव विनोद मोहड़ी, कोषाध्यक्ष राजेश पेटवाड़ सहित प्रदेश के 18 जिलों से आए जिला प्रधान और उनकी कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद रहे। बड़ी संख्या में शिक्षक, प्राचार्य, अभिभावक एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

कार्यक्रम के अंत में हजरस रेवाड़ी के जिला प्रधान सुमेर सिंह बोहतवास ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। समारोह में विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके अभिभावकों और समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले गणमान्य व्यक्तियों को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।