हरियाणा सरकार ने कैबिनेट बैठक में नई शिक्षक व ऑनलाइन ट्रांसफर नीति को मंजूरी देने के साथ-साथ एनसीआर क्षेत्र के वाहन मालिकों को टैक्स में भारी राहत प्रदान की है।

चंडीगढ़। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की अहम बैठक में आज राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार और आम जनता को बड़ी राहत देने वाले कई ऐतिहासिक फैसलों पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी और टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी 2026 को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और पुराने वाहनों को बदलने के लिए मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत तक की भारी छूट देने का बड़ा ऐलान किया गया है। इन महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों के साथ-साथ कैबिनेट ने महिला आयोग, नगर पालिकाओं के नियमों में संशोधन और ‘विकसित हरियाणा 2047’ के विजन दस्तावेज को धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार कर ली है।

नई ऑनलाइन ट्रांसफर नीति लागू

मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत की गई नई ट्रांसफर नीति के अंतर्गत अब कर्मचारियों के तबादले पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल प्रणाली से तय किए जाएंगे। इसके लिए एक नया 120 पॉइंट वाला कंपोजिट स्कोरिंग फ्रेमवर्क लागू किया गया है, जिसमें आयु को 25 प्रतिशत, कैडर अनुभव को 25 प्रतिशत और अन्य महत्वपूर्ण कारकों को 50 प्रतिशत का वेटेज दिया जाएगा। सरकार ने पारिवारिक सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पति-पत्नी के मामलों में मिलने वाले मेरिट अंकों को 5 से बढ़ाकर सीधे 10 कर दिया है। मानव संसाधन विभाग को इस नीति के तहत पहले चरण की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, जो विशेष रूप से नेशनल कैटिगरी और करंट ड्यूटी चार्ज वाले कैडरों पर प्रभावी रूप से लागू होगी।

एनसीआर वाहन मालिकों को राहत

दिल्ली से सटे एनसीआर के जिलों में प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से सरकार ने ‘नया सफर योजना’ के तहत पुराने ट्रकों और बसों को बदलने पर टैक्स में भारी छूट देने का ऐतिहासिक फैसला किया है। नए कड़े मानकों वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल या सीएनजी से चलने वाले कमर्शियल वाहनों की खरीद पर लाभार्थियों को पूरे 100% मोटर वाहन कर की छूट मिलेगी, जबकि पुराने या इस्तेमाल किए गए सीएनजी-इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर 50% टैक्स की छूट दी जाएगी। यह विशेष कर छूट अगले 10 वर्षों के लिए वैध रहेगी और इन वाहनों के पंजीकरण पर लगने वाली फीस को भी पूरी तरह माफ कर दिया गया है। साथ ही दयालु-1 योजना में संशोधन कर क्लेम की समय सीमा को 3 महीने से बढ़ाकर 6 महीने कर दिया गया है।

नियमों में बड़े प्रशासनिक बदलाव

प्रशासनिक सुगमता को बढ़ाते हुए मंत्रिमंडल ने हरियाणा नगर पालिका और नगर निगम संशोधन अध्यादेश 2026 को अपनी स्वीकृति दे दी है, जिसके बाद अब स्लॉटर हाउस और मीट की दुकानों को अलग से दोहरे व्यापार लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा, बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ‘हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम 2026’ को मंजूरी दी गई है, जिससे पौधों की गुणवत्ता के लिए क्यूआर कोड आधारित ट्रेसबिलिटी अनिवार्य होगी। सरकार ने राज्य महिला आयोग में गैर-सरकारी सदस्यों की संख्या को 5 से बढ़ाकर 7 करने और वाटर संशोधन अधिनियम 2024 को अपनाते हुए छोटे तकनीकी उल्लंघनों को अपराध मुक्त करने का निर्णय लिया है। यमुनानगर निगम में 2013 से पहले की अवैध कॉलोनियों की पहचान के लिए आयुक्त की अध्यक्षता में विशेष समिति भी गठित की जाएगी।

विकसित हरियाणा का बड़ा विजन

मुख्यमंत्री ने विधायकों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के सपने को पूरा करने के लिए ‘मेरी विकसित विधानसभा’ अभियान के शुभारंभ की घोषणा की है। इस महात्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत हर विधायक अपने क्षेत्र का विजन चैंपियन बनेगा और आगामी जुलाई-अगस्त महीने में जनता से सीधा संवाद स्थापित करेगा। राज्य सरकार ने हरियाणा की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर से पार ले जाने, प्रति व्यक्ति वार्षिक आय को 40 लाख रुपये से अधिक करने, महिला श्रम भागीदारी को 45% तक बढ़ाने और महिला साक्षरता को शत-प्रतिशत करने का भव्य लक्ष्य निर्धारित किया है। इस पूरी विकास यात्रा में मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य, जल और पर्यावरण अनुकूलता पर सबसे विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा।